उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने समझाया वंदे मातरम गीत का मतलब और पूछा- इसको गाने में परेशानी क्या है?
नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को एक गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि किसी को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मा तरम' गाने में परेशानी क्यों होनी चाहिए? इतना ही नहीं उन्होंने वंदे मा तरम गाने का मतलब भी समझाया। नायडू ने कहा कि 'इस गीत का मतलब मां का अभिवादन करना है और इस गीत ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों लोगों को प्रेरित किया था। नायडू ने अहमदनगर जिले में कहा, 'मां तस्वीर नहीं है बल्कि हमारी मातृभूमि है। 'वंदे मातरम्' में मां को सलाम किया जाता है। इस पर किसी को कोई समस्या क्यों होनी चाहिए।'

शिरडी साईबाबा संस्थान द्वारा आयोजित ग्लोबल साईं मंदिर ट्रस्ट सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद नायडू ने कहा, 'हमारी अलग जाति, पंथ और धर्म के बावजूद हम एक राष्ट्र, एक व्यक्ति और एक देश हैं। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के संत साईबाबा के हिन्दू या मुसलमान होने का मुद्दा 'अप्रासंगिक' है। उप-राष्ट्रपति ने कहा, 'वह (साईबाबा) एक सार्वभौमिक शिक्षक थे जो हिंदू धर्म और सूफीवाद के महत्वपूर्ण सिद्धांतों का मिश्रण थे।
मानवता की सेवा और अन्य लोगों के साथ शांति एवं सद्भाव से रहने की साईबाबा की शिक्षा को सभी लोगों द्वारा अपनाए जाने की जरूरत है और यही उन्हें (साईबाबा को) सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मानवता की सेवा ईश्वर की सेवा है। साईबाबा इस संस्कृति के एक अवतार थे।' आपको बता कि मुंबई से 238 किमी दूर शिरडी में साईंबाबा का प्रसिद्ध मंदिर है। अक्टूबर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी यहां आए थे और एयरपोर्ट की नवनिर्मित इमारत का उद्घाटन किया था।












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