राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बिना ही क्यों रूस लौटे पुतिन?
नई दिल्ली। बुधवार को दो दिन के दो दिन के भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन शुक्रवार शाम को मॉस्को के लिए उड़ गए। पुतिन के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में अहम समझौते हुए लेकिन एक चीज अलग रही। रूस के राष्ट्रपति के लिए राष्ट्रपति भवन में रिसेप्शन नहीं रखा गया ना ही उनका औपचारिक स्वागत किया गया।

किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के आने पर राष्ट्रपति भवन की ओर से औपचारिक स्वागत किया जाता रहा है, जो इस दफा नहीं देखने को मिला। पुतिन के राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के पीछे खुद पुतिन ही हैं। दरअसल, पुतिन का भारत में दो दिन रहने के दौरान शेड्यूल काफी बिजी था। वो दोनों देशों के बीच तमाम मुद्दों पर बात चाहते थे, इसीलिए उन्होंने खुद ही सरकारी आयोजनों से बचने का अनुरोध किया था। रूस की ओर से गुजारिश की गई थी कि पुतिन के दौरे को जितना संभव हो 'अनौपचारिक' रखा जाए। इसीलिए प्रोटोकॉल से हटते हुए पुतिन के लिए राष्ट्रपति भवन में रिसेप्शन नहीं रखा गया।

पुतिन का भारत दौरा डिफेंस के लिहाज से अहम रहा शुक्रवार को भारत और रूस के बीच एस-400 डिफेंस मिसाइल सिस्टम पर मुहर लग गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 19वीं द्विपक्षीय मीटिंग में इस 5 बिलियन डॉलर की डील पर हस्ताक्षर किए।
एस-400 मिसाइल डील के अलावा भारत और रूस ने सात अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें रेलवे, स्पेस और न्यूक्लियर पावर शामिल है। ज्वाॉइंट प्रेस कांफ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा रूस के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता दी है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रणनीतिक साझेदारी नई ऊंचाइयां छुएंगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों और मंचों पर भारत और रूस का सहयोग आगे भी ऐसा ही रहेगा।












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