चौथी बार अमेरिका जा रहे हैं पीएम मोदी, क्या इस बार मिलेगी वह 'जीत'
वाशिंगटन। वर्ष 2005 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उस समय अमेरिका ने उन्हें वीजा देने से साफ इंकार कर दिया था। उस खबर ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उस घटना के नौ वर्ष बाद मोदी देश के पीएम बने और तब से लेकर आज अमेरिका चार बार उनका स्वागत कर चुका है।
चौथा दौरा और ओबामा से सांतवीं मुलाकात
चौथी बार पीएम मोदी अमेरिका जा रहे हैं और सांतवीं बार वह इस ताकतवर देश के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात करेंगे। खास बात यह है कि इस बार पीएम मोदी ओबामा के सबसे करीबी अंतराष्ट्रीय साझेदार के तौर पर ओबामा से व्हाइट हाउस में मुलाकात करने वाले हैं।
क्यों अमेरिका को है पीएम मोदी से लगाव
अमेरिका को अगर आज मोदी से लगाव हुआ है तो उसकी वजह है उनका भारत का पीएम होना। भारत आज तेजी से उभरती हुई लोकतांत्रिक और आर्थिक ताकत है। ऐसे में भारत को नजरअंदाज करना काफी मुश्किल है। अमेरिका को इस समय न सिर्फ आर्थिक बल्कि राजनीतिक तौर पर भी भारत का सहयोग चाहिए। चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए सिर्फ भारत ही अमेरिका को सहयोग दे सकता है।
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पीएम मोदी और प्रेसीडेंट ओबामा के बीच व्यक्तिगत संबंधों की वजह से भी इन दोनों देशों के बीच एक अलग रिश्ता देखने को मिल रहा है।
क्या इस बार पीएम मोदी को मिलेगी जीत
पीएम मोदी जब इस बार अमेरिका जाएंगे तो भारत और अमेरिका के बीच कई मुद्दें काफी अहम होने वाले हैं। इनमें सबसे ऊपर है दोनों देशों के बीच मिलिट्री पार्टनरशिप, वर्ष 2005 में दोनों देशों के बीच हुआ सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट, जो कि अभी तक भारत को फायदा नहीं पहुंचा सका है।
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इनके अलावा भारत की एनएसजी में एंट्री भी मुद्दों में सबसे अहम है। कई लोग मानते हैं कि पीएम मोदी और उनकी सरकार ने अभी तक कई अहम मुद्दों पर कोई बड़ी विजय हासिल नहीं की है। ऐसे में अगर इस बार वह अपने अमेरिकी दौरे पर इन मुद्दों पर कोई कंक्रीट सफलता हासिल कर लें तो फिर पीएम मोदी के लिए बड़ी डिप्लोमैटिक जीत होगी।













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