क्यों नहीं कम हो रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बताई ये वजह
नई दिल्ली, सितंबर 23। देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता त्रस्त है। हर कोई बस इस इंतजार में है कि सरकार कुछ तो ऐसा कदम उठाए, जिससे कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हो सकें। ऐसे में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि जब तक राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने के लिए तैयार नहीं होंगी, तब तक कीमतें कम नहीं हो सकती। PTI को दिए इंटरव्यू में हरदीप सिंह पुरी ने कहा है, "अगर आपका सवाल है कि पेट्रोल की कीमतें कम क्यों नहीं हो रही हैं, तो इसका जवाब है- क्योंकि राज्य इसे जीएसटी के तहत नहीं लाना चाहते।"

तेल की कीमतों पर भारी टैक्स वसूलती है ममता सरकार- पुरी
हरदीप सिंह पुरी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता सरकार फ्यूल पर भारी टैक्स लगा रही है, यही वजह है कि पश्चिम बंगाल में भी पेट्रोल डीजल की कीमतें 100 के पार जा चुकी हैं। आपको बता दें कि कोलकाता में पेट्रोल 101.62 रुपए प्रति लीटर है। वहीं डीजल की कीमत 91.71 रुपए प्रति लीटर है। सिर्फ बंगाल ही नहीं बल्कि देश के अधिकतर राज्यों में अब पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर को पार कर चुका है।

केंद्र सरकार पेट्रोल पर लेती है वही पुराना चार्ज
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार अभी भी तेल की कीमतों पर पुराना चार्ज ही वसूल कर रही है। पुरी के मुताबिक, "केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32 रुपए प्रति लीटर टैक्स लेती है, जब फ्यूल की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 19 डॉलर प्रति बैरल थी तब हमने 32 रुपए प्रति लीटर चार्ज लिया था और आज भी हम वही चार्ज कर रहे हैं, जब कीमत बढ़कर ₹75 प्रति बैरल हो गई है। "

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में इन राज्यों ने किया था विरोध
आपको बता दें कि हाल ही में लखनऊ में जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक हुई थी, जिसमें पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर चर्चा हुई, लेकिन 6-7 राज्यों ने इसका विरोध किया। इसी वजह से पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में नहीं आ सका। जिन राज्यों ने इसका विरोध किया था, उनमें महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक प्रमुख रूप से शामिल है। आपको बता दें कि अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आ जाता है तो दोनों की कीमतें गिरकर 75 रुपए प्रति लीटर तक आ सकती हैं।












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