Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Waqf (Amendment) Bill: वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध? क्या खड़ा होगा राजनीतिक तूफान

Waqf (Amendment) Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 08 अगस्त 2024 को वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया है। वक्फ विधेयक में 1995 के कानून में अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जैसे कि वक्फ बोर्ड में मुस्लिम महिलाओं को शामिल करना और बोर्ड द्वारा वक्फ संपत्ति घोषित करने से पहले भूमि का सत्यापन सुनिश्चित करना। फिलहाल इसे ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेज दिया गया है।

इस बिल का इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने विरोध किया है। विपक्षी सांसदों ने इस विधेयक को 'विभाजनकारी', 'मुस्लिम विरोधी' और 'असंवैधानिक' बताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस कदम को अस्वीकार्य करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि वे वक्फ अधिनियम में किसी भी बदलाव का विरोध करेंगे।

Waqf Amendment Bill

ये भी पढ़ें- Waqf Amendment Bill: क्या होते हैं वक्फ बोर्ड, क्यों पड़ी कानून में संशोधन की जरूरत? जानिए पूरी डिटेल्स

अनुमान के मुताबिक देश में सेना और रेलवे के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा जमीन है। इनके नाम पर लगभग 8.7 लाख की संख्या में रजिस्टर्ड जमीन है। वक्फ बोर्ड को सरकार हल्के में नहीं ले सकती है। सरकार अब वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लाकर इनकी असीमित अधिकारों में कटौती करने की तैयारी में है। इसमें मौजूदा वक्फ अधिनियम, 1995 (जैसा कि 2013 में संशोधित किया गया था) में लगभग 40 संशोधन लाने का प्रस्ताव है। अब यही बात विपक्षी नेताओं को हजम नहीं हो रही है।

अब यहां सवाल ये उठता है कि आखिर इस वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का विरोध क्यों किया जा रहा? इसके राजनीतिक मायने क्या है? क्या इसपर राजनीतिक तूफान खड़ा हो सकता है? आइए समझने की कोशिश करते हैं?

ये भी पढ़ें- Waqf Bill: लोकसभा में पेश हुआ वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024, जानिए संसद में कौन क्या कह रहा है?

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 में क्या-क्या कहा गया है?

वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश करते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजूजू ने कहा है कि, ''इस बिल में जो भी प्रावधान हैं वे अनुच्छेद 25 से लेकर अनुच्छेद 30 तक किसी भी धार्मिक संस्था की स्वतंत्रता पर कोई भी हस्तक्षेप नहीं करता है। ना ही संविधान के किसी और अनुच्छेद का इसमें उल्लंघन किया गया है।''

किरेन रिजूजू ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि, ''वक्फ बोर्ड आर्टिकल 25 और 26 के तहत नहीं आता है। ये बिल महिलाओं और बच्चों और मुसलमान समाज में पिछड़ों को जगह देने के लिए लाया गया है। यह मामला संविधान की समवर्ती लिस्ट में आता है, इसलिए केंद्र सरकार इसपर कानून बना सकती है।''

सरकार वक्फ कानून 1995 के सेक्शन 40 को भी हटाने जा रही है। इस कानून के तहत वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को वक्फ की संपत्ति घोषित करने का अधिकार था। लेकिन अब संशोधन के जरिए इसकी जांच की जाएगी। अब तक क्फ बोर्ड के फैसले के खिलाफ सिर्फ ट्रिब्यूनल में ही जाने का अधिकार है लेकिन अब इसमें भी संशोधन करने का प्रस्ताव है।

किरेन रिजिजू ने कहा, "जो विधेयक लाया जा रहा है वह सच्चर समिति की रिपोर्ट (जिसमें सुधार की बात कही गई थी) पर आधारित है, जिसे आपने (कांग्रेस ने) बनाया था।"

विपक्षी नेता वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 का विरोध क्यों कर रहे हैं?

कांग्रेस, सपा, आरजेडी, एनसीपी, AIMIM और TMC एक सुर में इस बिल का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि ये बिल मुसलमानों के खिलाफ है। उनका कहना है कि ये विभाजनकारी, मुस्लिम विरोधी और असंवैधानिक है। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ''यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। यह विधेयक भेदभावपूर्ण और मनमाना दोनों है। इस विधेयक को लाकर केंद्र सरकार देश को जोड़ने का नहीं बल्कि बांटने का काम कर रहे हैं। यह विधेयक इस बात का सबूत है कि आप मुसलमानों के दुश्मन हैं।"

सपा के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, "यह बिल जो पेश किया जा रहा है वो बहुत सोची समझी राजनीति के तहत हो रहा है, अध्यक्ष महोदय, मैंने लॉबी में सुना कि आपके कुछ अधिकार भी छीने जा रहे हैं और हमें आपके लिए लड़ना होगा। मैं इस बिल का विरोध करता हूं।"

लोकसभा में NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि या तो इस विधेयक को पूरी तरह से वापस ले या इसे स्थायी समिति को भेज दें। कृपया परामर्श के बिना एजेंडा आगे न बढ़ाएं।"

कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसके विरोध में कहा है कि, ''यह विधेयक संविधान के एक मौलिक अधिकारों पर हमला है। इस विधेयक के जरिए वे ये कोशिश कर रहे हैं कि गैर-मुस्लिम भी वक्फ गवर्निंग काउंसिल के सदस्य होंगे। यह तो सीधा-सीधा धर्म की स्वतंत्रता पर हमला है। ये तो विभाजनकारी राजनीति है।''

हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 का विरोध विपक्षी नेता कहीं न कहीं वोट बैंक की वजह से भी कर रहे हैं। ये राजनीतिक तूफान भी खड़ा कर सकता है क्योंकि सीएए जैसा यह मामला भी देश के मुस्लिम अल्फसंख्यकों से जुड़ा हुआ है। जाहिर है कि इसका विरोध होना तो तय है...वक्फ बोर्ड तो लाखों मुसलमानों से जुड़ा है।

हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि उनका ये बिल लाने का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और संचालन करना है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+