राम नरेश यादव पर नजरें करम एनडीए सरकार की
नई दिल्ली( विवेक शुक्ला) केन्द्र की एनडीए सरकार का मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव को लेकर उदार रुख क्यों बना हुआ? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। यादव कांग्रेसी रहे। पिछली यूपीए सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया था।
अब व्यापमं घोटाले ने देशभर में हंगामा मचाया हुआ है और इसमें मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव के कथित रूप से फंसने के आरोप सामने आते रहे है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार ने कभी उन्हें हटाने के संबंध में नहीं सोचा। क्यों?
यादव बने रहे
हालांकि केन्द्र में एनडीए सरकार के सत्तासीन होने के बाद बहुत से यूपीए सरकार के दौर में नियुक्त राज्यपालों को चलता किया किया गया पर यादव बने रहे। उनमें क्या खासियत थी कि वे अपने पद पर बने रहे? जाहिर इस सवाल का जवाब मांगा जा रहा रहा है।
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छुट्टी संभव
हालांकि अब लगता है कि उनकी छुट्टी हो सकती है क्योंकि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राम नरेश यादव को हटाने संबंधी याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। यह मांग याचिकाकर्ता ने व्यापमं घोटाले मामले के तहत की है। केस की सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
सनसनीखेज केस
ये व्यापमं घोटाला बेहद सनसनीखेज होता जा रहा है। इससे जुड़े बहुत से पात्र अब संसार में नहीं रहे। कइयों की बेहद संदिग्ध हालातों में मौत हो गई है।
वक्त नहीं रहा
जानकार कह रहे है सुप्रीम कोर्ट में सारा केस जाने के बाद यादव के लिए अब और वक्त तक राज्य भवन में रहना संभव नहीं होगा। अब अगर सुप्रीम कोर्ट ने उक्त घोटाले को लेकर उनके ऊपर कोई नकारात्मक टिप्पणी कर दी तो उन्हें नैतिकता के आधार पर अपना पद छोड़ना पड़ सकता है।













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