मोदी जी एक साल पहले क्यों नहीं याद आया बिहार?
नई दिल्ली (ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के चौतरफा विकास के लिए मंगलवार को बड़े पैकेज की घोषणा की। उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार कह रहे हैं कि बिहार को बीमारू राज्य मत कहो। एक दौर में योजना आयोग ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य कहा था। यानी जहां पर विकास नामात्र का हो रहा है।
पर बिहार को छोड़कर सभी सूबों ने अपने को बीमारू के कलंक से ऊपर उठा लिया। इन सबके बीच 1.25 करोड़ रुपए का पैकेज बिहार की किसमत बदल सकता है, लेकिन सवाल यह उठता है कि मोदी को लोकसभा चुनाव जीतते ही बिहार क्यों नहीं याद आया। इस पैकेज के लिये एक साल क्यों तरसाया।
इसका जवाब आप सभी जानते हैं, कि यह महज चुनावी स्टंट है। खैर चुनावी स्टंट ही सही, लेकिन अगर इस पैसे को ईमानदारी के साथ खर्च किया गया, तो बिहार आने वाले समय में एक मजबूत प्रदेश बनकर उभर सकता है।
बिहार के 11 क्षेत्र जिन पर खर्च होने चाहिये 1.65 लाख करोड़ रुपए
अगर 1 साल पहले दिया होता तो
आप बिहार में पटना, दरभंगा और सीतामढ़ी के अलावा कायदे का कोई शहर खोज नहीं सकते। बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर नाम की कोई चीज नहीं है। इसके विपरीत बिहार से सटे उत्तर प्रदेश में कम से 15-20 बेहतरीन शहर हैं। जिन्हें हर लिहाज से विकसित शहर माना जा सकता है। अगर एक साल पहले पैकेज मिला होता, तो कम से कम बिहार का एक शहर तो विकास की राह पर चल ही पड़ा होता।
पूर्वी भारत का विकास
मोदी मानते हैं कि भारत पूर्ण रूप से तभी विकसित होगा जब भारत के पूर्वी भाग का विकास होगा। प्रधान मंत्री ने यह कहा है कि बिहार का विकास उनका महत्वपूर्ण एजेण्डा है।
बिहार की हो मदद
बहरहाल, केन्द्र सरकार की तरफ से बिहार को दिए जाने वाले पैकेज में यह ध्यान रखा गया है कि सहायता के सारे स्रोत बिहार को आने वाले वर्षों में स्वावलंबी बनाने में मदद करें। इस पूरे पैकेज में युवा वर्ग को अपने पैरों पर खड़ा करना और किसान जो कि वर्तमान में बिहार के पालनकर्त्ता हैं, उनकी आय को बढ़ाने को मुख्य बिन्दु बनाया गया है।
नदियों पर पुल
एक बात और। बिहार को मिलने वाले इस पैकेज में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, महत्वपूर्ण नदियों पर पुल का काम तथा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिये 54,713 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत महात्मा गांधी सेतु के समानांतर गंगा नदी पर एक नए पुल का निर्माण, कोसी ओर सोन नदी के ऊपर पुल का निर्माण, धार्मिक पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण और रेलवे ओवरब्रिजेज का निर्माण शामिल है।
















Click it and Unblock the Notifications