मोदी-ट्रंप की मुलाकात ने क्यों उड़ाई दाऊद इब्राहिम की नींद?
भारत ने इससे पहले भी कई बार कहा है कि दाऊद की ओर से की जाने वाली फंडिंग आतंकी संगठनों के लिए रीढ़ है।
नई दिल्ली। अमेरिका में होने जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट और कई अन्य आतंकी संगठनों की नींद उड़ा दी है। शनिवार को अमेरिका के दौरे पर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां होने वाली मुलाकात में आतंकवाद और उसकी फंडिग पर विशेष रूप से चर्चा करेंगे।

आंतकवाद पर मुख्य रूप से चर्चा
विदेश सचिव एस जयशंकर पहले से ही यात्रा की रूपरेखा तैयार करने में लगे हैं। आतंकी संगठनों के कामकाज और दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट की और से की जाने वाली फंडिंग का डाटा शेयर करने वाले गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि कम से कम एक या उससे ज्यादा आतंकी संगठनों को चिन्हित किया गया है।

डी गैंग की फंडिंग मुख्य समस्या
अमेरिका दौरे के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन आतंकी संगठनों के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका से मदद के लिए कहेगा। इसके अलावा अमेरिका को डी गैंग के बारे में भी बताया जाएगा। भारत मजबूत तरीके से इस बात को रखेगा कि इस गैंग की फंडिग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मुख्य समस्या है।

डी गैंग के खिलाफ अमेरिका सहमत
सूत्रों का कहना है कि अमेरिका डी गैंग की फंडिंग के खिलाफ सहमत है और इस खतरे को खत्म करने में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए अपनी सहमति देगा। भारत ने इससे पहले भी कई बार कहा है कि दाऊद की ओर से की जाने वाली फंडिंग आतंकी संगठनों के लिए रीढ़ है। इस दौरे पर भारत और अमेरिका आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर एक संयुक्त बयान जारी कर सकते हैं।

अमेरिका से और सहयोग की मांग
भारत और अमेरिका लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट और दाऊद गैंग के खिलाफ सांझा लड़ाई को मजबूत करने में प्रतिबद्धता दिखाएंगे। पिछले साल जून में भारत ने अमेरिका के साथ सहयोग के कुछ नए विशेष क्षेत्रों की पहचान की थी। भारत ने संकेत दिए थे कि साइबर अपराध और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह अमेरिका से और सहयोग की मांग करेगा।












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