जानिए कैसे भाजपा की किरण से खत्म हो जायेंगी आप और कांग्रेस
नई दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले किरण बेदी का भाजपा में आना कई बड़े संकेत दे रहा है। सबसे बड़ा संकेत उनके सीएम प्रत्याशी के रूप में उतरना। अमित शाह ने प्रेसवार्ता में कहा कि किरण बेदी सीएम प्रत्याशी होंगी या नहीं, यह पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करेगा। खैर संसदीय बोर्ड के फैसले में तो देर है, लेकिन हाल ही में हुए कुछ सर्वेक्षण और अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों ने भाजपा को दिल्ली की सत्ता अभी से सौंप दी है। यानी अगर आप यह सोच रहे हैं कि कांग्रेस गर्त में चली गई है और आप का पलड़ा भारी हो रहा है, तो आप गलत हैं।
इंडिया स्पेंड डॉट ओआरजी में प्रकाशित लेख में दिल्ली की गणित को साधारण ढंग से समझाया गया हे। पिछले आंकड़ों पर आधारित समीक्षा और फिर भविष्य के बारे में सोचा तो भाजपा के अलावा किसी भी पार्टी का वर्चस्व दिल्ली में नहीं दिखाई दिया।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों और 7 संसदीय क्षेत्रों पर हुए पिछले चुनावों में वोटिंग ट्रेंड के अनुसार भाजपा की सरकार दिल्ली में बन सकती है। क्या कह रहे हैं आंकड़े, देखें तस्वीरों के साथ।

भाजपा को भारी बढ़त
लोकसभा के वोट प्रतिशत को देखें तो भाजपा को 11 प्रतिशत की बढ़त मिली है, जबकि कांग्रेस को 12 प्रतिशत का घाटा हुआ। वहीं आप को मात्र 1 प्रतिशत की बढ़त मिली।

कांग्रेस ने खो दिये वोट
अध्ययन के अनुसार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 92 प्रतिशत वोट खो दिये।

कांग्रस का बुरा हाल
अगर सभी 70 विधानसभा सीटों की बात करें तो कांग्रेस को 68 सीटों पर वोटशेयर घटा है और 2 सीटों पर बढ़ा है।

भाजपा को बढ़त
70 में से 64 सीटों पर भाजपा का वोट शेयर बढ़ा है, जबकि मात्र 6 सीटों पर घटा है।

आम आदमी पार्टी का हाल
आप का वोट शेयर 31 सीटों पर बढ़ा और 39 सीटों पर घटा है।

क्या करेगी आप?
अब सवाल यह उठता है कि इन आंकड़ों के बीच क्या केजरीवाल की गेंद बाउंस बैक करेगी। क्योंकि अगर इस बार आप ने वापसी नहीं की, तो उसके अस्तित्व को खतरा हो जायेगा।
किरण बेदी से जुड़ा सवाल आपके लिये-












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