क्यों आतंकियों के निशाने पर आया उरी आर्मी बेस कैंप?
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के उरी बेस कैंप में आतंकियों ने हमला कर दिया। इस हमले में हमारे 17 जाबांज जवान शहीद हो गए। आतंकियों ने सुबह 5 बजे ग्रेनेड फेंककर आर्मी कैंप पर हमला कर दिया। ग्रेनेड फेंके जाने के बाद कैंप मे आग लग गई। ब्रिगेड की छावनी पर आत्मघाती हमले में भारतीय सेना को जबरदस्त नुकसान हुआ है। शहीद होने वाले जवान 10 डोगरा रेजीमेंट के थे। हमले में 19 जवान जख्मी हुए है जिनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। PAK रक्षा मंत्री की भारत को धमकी, कहा- अस्तित्व को खतरा होने पर करेंगे परमाणु हमला

आपको बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं था जब उरी सैन्य कैंप को निशाना बनाया गया । इससे पहले 5 दिसंबर 2014 को भी इसी सेक्टर में हमला कर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 10 जवान शहीद हो गए थे। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर उसी सैन्य कैंप आतंकियो के निशाने पर क्यों हैं? आपको बताते हैं ऐसी ही वजहें, जिसकी करण उरी आतंकियों के निशाने पर आई। #UriAttack: मोदी ने दिलाया देश को भरोसा, दोषियों को नहीं छोडूंगा

- भारतीय सेना की उरी बेस जम्मू कश्मीर की महत्वपूर्ण चौंकियों में से एक है। यहा से पाकिस्तान सीमा पर निगरानी रखना आसान है।
- उरी बेस कैंप 12 बिग्रेडों का मुख्यालय है, ये कैंप 12000 सैनिकों का ठिकाना है।
- चूंकि उरी बेस नियंत्रण रेखा के करीब है और तीन तरफ से सीमा से जुड़ता है, ऐसे में यहां आतंकियों का पहुंचना आसान होता है।
- कम ऊंचाई पर होने की वजह से इसे सीमा पार के ऊंचे इलाकों से आसानी से देखा जा सकता है।
- उरी बेस कैंप पर पाकिस्तानी सेना की लागातर निगरानी लगी रहती है।












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