हमलोग लाइट की स्पीड से उड़ रहे होते? क्यों इतना खास है गॉड पार्टिकल, जानिए एटम से भी छोटे इस कण के बारे में
ब्रह्मांड की खोज में वैज्ञानिक को एक अहम सफतला प्राप्त हुई थी। इस खोज को हिग्स बोसोन के नाम से जाना जाता है। इसे गॉड पार्टिकल भी कहते हैं। इस गॉड पार्टिकल की खोज करने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक पीटर हीग्स थे। कल उनका निधन हो गया। वे 94 साल के थे।
उनके निधन के बाद उनकी खोज की चर्चा होने लगी है। लोगों में यह जानने की उत्सुकता हो रही है कि यह गॉड पार्टिकल क्या है। क्या यह सच में भगवान का कण है। दावा किया जाता है कि इस कण से ब्रह्मांड का निर्माण हुआ है। लेकिन यह कण बहुत छोटा है। यह एटम से भी बहुत छोटा है। इसे नग्न आंखों से तो क्या माइक्रोस्कोप से भी नहीं देख सकते हैं।

वैज्ञानिक के मुताबिक, इसमें कोई इलेक्ट्रिक चार्ज नहीं होता है और ना ही यह घूमता है। यह कण हिग्स फील्ड में पाया जाता है। इसकी खोज स्विट्जरलैंड स्थित CERN लेबोरेटरी में हुई थी। गॉड पार्टिकल को खोजने में 40 साल लग गए।
क्या है गॉड पार्टिकल
गॉड पार्टिकल कई अनसुलझे प्रश्नों का जवाब देता है। इस दुनिया में हर चीज का अपना वेट होता है। किसी चीज को हम उठाते हैं तो उसमें कुछ न कुछ वजह होता है। बड़ा सवाल यह है कि इन चीजों में वजन आता कहां से है। इसी जटिल सवाल का जवाब गॉड पार्टिकल देता है।
गॉड पार्टिकल का महत्व
दरअसल, गॉड पार्टिकल्स हिग्स फील्ड में पाया जाता है। जब कोई दूसरा कण इस फील्ड से होकर गुजरता है तो गॉड पार्टिकल के साथ उसकी टक्कर होती है। यही टक्कर बाकी कणों को उनका वजन देता है। अगर इन्हें गॉड पार्टिकल से वजन नहीं मिलती है तो यह प्रकाश की रफ्तार से उड़ने लगता है।
सबकुछ इसी कण से बना है
आसान भाषा में कहें तो जो भी चीजें ब्रह्मांड में देख रहे हैं सबकुछ इसी कण से बना है। इसी कण की वजह से गृह, तारे, नक्षत्र सब में वजन मिला है। जिससे उसका जीवन चल रहा है।
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