नए संसद भवन का शेड्यूल हिंदी में मिला तो आगबबूला हुए DMK सांसद त्रिची शिवा, सबके सामने फाड़ कर फेंका
DMK MP Tiruchi Siva: डीएमके सांसद त्रिची शिवा नई संसद के ध्वजारोहण कार्यक्रम का शेड्यूल हिंदी में देखकर भड़क उठे हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने रविवार (17 सितंबर) को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसी बैठक में सांसद त्रिची शिवा को जब नई संसद में ध्वजारोहण कार्यक्रम का शेड्यूल सिर्फ हिंदी में देखा तो वह गुस्सा हो गए।
सिर्फ हिंदी में शेड्यूल देख कर सांसद त्रिची शिवा इतना गुस्सा हो गए कि उन्होंने ध्वजारोहण कार्यक्रम पत्र को सबके सामने फाड़ दिया। यह घटना दिन में सर्वदलीय बैठक के दौरान हुई जिसमें कई विपक्षी नेताओं ने इसी तरह की आवाजें उठाईं। इस सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे थे।

इंडिया टुडे रिपोर्ट के मुताबिक त्रिची शिवा ने अव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि कुर्सियाँ केवल मंत्रियों के लिए उपलब्ध थीं।
सूत्रों के मुताबिक त्रिची शिवा ने रविवार सुबह ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। जहां कार्यक्रम कार्यक्रम प्रसारित किया गया और शेड्यूल सिर्फ हिंदी में दिया गया था। हालांकि, सूत्र ने कहा कि बैठक की अध्यक्षता करने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीएमके के राज्यसभा सांसद त्रिची शिवा को आश्वासन दिया कि अब से शेड्यूल अंग्रेजी संस्करण भी प्रसारित किए जाएंगे।
हिंदी को लेकर फिर आमने-सामने DMK और मोदी सरकार
बता दें कि हिंदी भाषा को लेकर DMK सांसद त्रिची शिवा का ये रवैया, उनकी पार्टी के नेता उदयनिधि स्टालिन की धारणाओं के समर्थन में था। उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में अपने एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा था कि, भाजपा और अमित शाह 'हिंदी थोप' रहे हैं। उदयनिधि ने कहा कि हिंदी भाषा पूरे भारत में नहीं बोली जाती है और ये देश को एकजुट नहीं करती है।
हिंदी दिवस के अवसर पर अमित शाह ने कहा था कि हिंदी भारत में भाषाओं की विविधता को एकजुट करती है और इसने विभिन्न भारतीय और वैश्विक भाषाओं और बोलियों का सम्मान किया है।
अमित शाह की टिप्पणी की आलोचना करते हुए, उदयनिधि स्टालिन ने तमिल में एक पोस्ट करते हुए लिखा था, 'हिंदी देश के लोगों को एकजुट करती है - क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बनाती है', केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ये बयान हमेशा की तरह हिंदी भाषा के प्रति अपने प्यार को दिखाते हुए दिया है। ये विचार सिर्फ चिल्लाने जैसा ही है, कि आप अगर हिंदी पढ़ेंगे, तो आप प्रगति कर सकते हैं।'
स्टालिन ने आगे कहा कि, ''तमिलनाडु में तमिल - केरल में मलयालम। हिंदी इन दोनों राज्यों को कहां जोड़ती है? सशक्तिकरण कहां आता है?" उन्होंने कहा कि, यह कहना बेतुका है कि चार या पांच राज्यों में बोली जाने वाली हिंदी पूरे देश को एकजुट करती है।












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