आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम में क्यों मची भगदड़? वो बड़े कारण जो बनी बेगुनाह भक्तों की मौत की वजह
Andhra Pradesh Srikakulam stampede: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कस्सीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ में कम से कम 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
इस घटना पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जांच करने का आदेश जारी किया है और जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट मांगी है। जानिए वो बड़ी वजहें जिनके कारण भगदड़ मचने पर 9 बेगुनाह भक्तों की मौत हो गई?

श्रीकाकुलम जिले के पलासा के 45 वर्षीय के. रवि नायडू ने बताया श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 15,000 भक्तों की भीड़ "पूरी तरह से अप्रत्याशित" थी। उन्होंने कहा "शुरू में शायद ही कोई भीड़ होती थी। त्योहारों के दिनों में भी प्रतिदिन 400-500 से ज़्यादा लोग नहीं आते थे लेकिन इस बार इतने भक्त आए कि मैं भी अचंभित हो गया। "मैंने सुबह ही जल्दी दर्शन कर लिए थे, लेकिन जब तक मैं बाहर आया, प्रवेश द्वार पर लंबी कतारें लग चुकी थीं।" उन्होंने आगे बताया कि कुछ ही मिनटों में भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई।
वो बड़े कारण जो बनी बेगुनाह भक्तों की मौत की वजह
- मंदिर में दर्शन के लिए लगी भक्तों की लाइन में मची भगड़ा की घटना की शुरूआती जांच से पता चला है कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।
- अधिकारियों ने बताया कि यह मंदिर निजी प्रबंधन के अधीन था और राज्य के एंडोमेंट्स विभाग में रजिस्टर्ड नहीं था। मंदिर प्रबंधन ने कार्तिक एकादशी पर इतने बड़े आयोजन के लिए किसी भी सरकारी प्राधिकरण या सुरक्षा संबंधी अनुमति नहीं ली थी।
- आयोजकों ने जिला प्रशासन को इस दिन आमतौर पर जुटने वाली हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बारे में सूचित नहीं किया था। जिस स्थान पर श्रद्धालु जमा हुए थे, वह क्षेत्र अभी भी निर्माणाधीन था और भीड़ के लिए सुरक्षित नहीं था। निर्माण कार्य जारी होने के बावजूद मंदिर प्रशासन ने लोगों को परिसर में प्रवेश की अनुमति दी।
- सामान्य तौर पर, चिन्ना तिरुपति मंदिर में हर शनिवार को लगभग 10 से 15 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन इस विशेष शनिवार को एकादशी होने के कारण करीब 25 हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, जिससे भीड़ अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई।
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ तब शुरू हुई जब महिलाएं प्रवेश कतार में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही थीं। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण लगाए गए बैरिकेड टूट गए, जिससे कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। मंदिर के संकरे रास्ते इस स्थिति में और भी भयावह हो गए।
- इस हादसे का एक मुख्य कारण मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता होना था। जब लोग मंदिर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तो अफरा-तफरी और बढ़ गई। अपने परिजनों को बचाने की कोशिश करने वाले लोग भी भीड़ में फंस गए।
- एकमात्र प्रवेश और निकास द्वार होने के कारण बचाव कार्य भी काफी मुश्किल हो गया, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना को "बेहद हृदयविदारक" बताया और गहरा शोक व्यक्त किया।
- Breaking News: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में त्रासदी, वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़, 10 की मौत, कई घायल












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