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बहुमत कम है, ये जानने के बावजूद विपक्षी गुट INDIA ने क्‍यों लोकसभा में पेश किया अविश्वास प्रस्‍ताव

No Confidence Motion: संसद में इन दिनों मानसून सत्र चल रहा है। 20 जुलाई से शुरू हुए सत्र में सदन में मणिपुर मु्द्दे पर बहस छिड़ी हुई है। वहीं बुधवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के INDIA गुट द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्‍ताव (No Confidence Motion) लाया गया।

विपक्षी दलों को जब मालूम है कि उनके पास बहुमत की संख्‍या नहीं है तो क्‍यों उन्‍होंने मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्‍ताव क्‍यों पेश किया?

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दरअसल, मोदी सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किए जाने के पीछे की मंशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलने के लिए विपक्षी दल मबबूर करना चाहते हैं।

याद रहे मानसून सत्र शुरू होते ही मणिपुर का एक दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल हुआ जिसमें कोकी समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्‍त्र करके लोगों की भीड़ ले जा रही थी, बिना कपड़ों में भीड़ द्वारा ले जाई जा रही दोनों महिलाओं के साथ शर्मसार करने वाली हरकतें करते हुए भी नजर आ रही है।

जिसको लेकर लगातार विपक्ष केंद्र सरकार इस पर घेरते हुए पीएम मोदी को इस मुद्दे पर चुप्‍पी तोड़ने के लिए प्रेशर क्रिएट कर रही हैं । ये अविश्‍वास प्रस्‍ताव भी पीएम मोदी पर ऐसा ही दबाव बनाने के लिए है जबकि पता है कि उनके पास सांसदों की संख्‍या बहुमत में नहीं है इसलिए अविश्‍वास प्रस्‍पता विपल होने की संभावना है।

बता दें लोकसभा में विपक्षी दलों के पास 150 सदस्‍य हैं, कुल संख्‍या 543 है, ऐसे में विपक्षी गुट अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हैं, तो उनकी हार निश्चित है। याद रहे अविश्वास प्रस्ताव पर तभी चर्चा की जाती है, जब उसके पास कम से कम 50 सांसदों का समर्थन हो।

वहीं इस अव्श्विास प्रस्‍ताव से विपक्षी पार्टियों को दूसरा नुकसान ये होगा कि लोकसभा में बहस के दौरान उन्हें उतना समय नहीं मिल पाएगा, क्योंकि सदन में पार्टियों की संख्या के अनुसार समय आवंटित किया जाता है।

विपक्षी दलों के द्वारा ये अविश्‍वास प्रस्‍ताव का उद्देश्‍य मणिपुर मुद्दे को उजागर करने के लिए सदन में बहस को उपयोग करना और सरकार पर दबाव डालना है। ताकि इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री के बजाय प्रधान मंत्री को संसद को संबोधति करने के लिए मजबूर हो जाए।

एक सांसद का कहना है लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में हम ये अच्‍छे से जानते हैं कि संख्‍या हमारे पक्ष में नहीं हैं, लेकिन यह संख्या के बारे में नहीं है, अविश्वास प्रस्ताव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद में बोलना होगा।

वहीं दूसरे सांसद ने कहा कि लोकसभा में इस अव्श्विास प्रस्ताव को लाकर विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों के अलावा सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सरकार की विफलताओं पर भी बोलेगा।

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