घोटालेबाजों की मेजबानी मार गई सीबीआई हेड रंजीत सिन्हा को
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। जब राजधानी के जनपथ स्थित सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा के आवास में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के आरोपियों के पहुंचने की खबरें आई थीं, तब ही साफ हो गया था कि रंजीत सिन्हा को इस मामले की जांच से बाहर होना पड़ सकता है। आज सुप्रीम कोर्ट ने यह कर दिया। उन्हेंजांच से हटा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज हुई सुनवाई के बाद इस मामले में अपना फैसला सुनाया। सीबीआई प्रमुख सिन्हा पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया था।

कौन-कौन मिला
बताते चलें कि पिछले 15 महीनों में 2जी स्कैम में फंसी एक कंपनी के उच्च अधिकारी सीबीआई डायरेक्टर के घर पर कई बार मिलने पहुंचे थे। सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा पर आरोप लगते रहे कि उनके घर 2जी घोटाले और भ्रष्टाचार के अन्य मामलों के आरोपी आया करते थे, जो जांच को प्रभावित कर सकते थे।
सीबीआई को झिड़की
इससे पहले 2जी केस में सुनवाई के दौरान सीबीआई को झिड़की लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा था कि वहां ‘ऑल इज नॉट वेल' यानी सब कुछ ठीक नहीं लगता' और सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ गैरसरकारी संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों में ‘कुछ विश्वसनीयता' दिखती है।
रजिस्टर के डिटेल्स
2010 में प्रशांत भूषण की याचिका के बाद ही कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस रद्द कर दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि रंजीत सिन्हा के घर पर आने-जाने वाले लोगों के रजिस्टर में कई 'प्रभावशाली' नाम हैं और ये नाम 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला घोटाले के आरोपियों से जुड़े हुए हैं।












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