नॉर्थ र्इस्ट के साथ ही भारत के लिए बड़ी चुनौती बांग्लादेशी नागरिक

पिछले दिनों जब असम में हिंसा भड़की तो कई लोगों ने मोदी के इस बयान को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। नरेंद्र मोदी से अलग कई विशेषज्ञ बांग्लादेश से आने वाले अवैध प्रवासियों को एक गंभीर समस्या मानते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकियों के लिए बांग्लादेश से सुरक्षित कोई और ठिकाना नहीं है। ऐसे में बांग्लादेश से आने वाले नागरिक भारत के लिए एक बड़े खतरे में तब्दील हो सकते हैं।
हो सकते हैं पाक नागरिक भी
सेना के एक वरिष्ठ अफसर की मानें तो जब बांग्लादेश के नागरिक भारत में दाखिल होते हैं तो इस बात का पता लगा पाना बहुत मुश्किल है कि वह बांग्लादेश का ही रहने वाला है या फिर पाकिस्तान का।
इसके अलावा पाकिस्तान के कई आतंकी ग्रुप बांग्लादेश में सक्रिय है। हो सकता है कि वह भारत में इन बांग्लादेशी नागरिकों को भेजकर पाक अशांति फैलाने की कोशिश करे।
इस अफसर की मानें तो बांग्लादेश से आने वाले सभी प्रवासियों का ठिकाना असम होता है क्योंकि यह बांग्लादेश की सीमा से सटा है और कश्मीर घाटी के मुकाबले यहां दाखिल होना काफी आसान है।
सेना प्रमुख ने स्वीकारी गंभीरता
सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह भी बांग्लादेश से आने वाले गैरकानूनी नागरिकों की संख्या में होने वाले इजाफे को गंभीर समस्या करार दे चुके हैं। कुछ दिनों पहले जनरल बिक्रम सिंह ने कहा था कि बांग्लादेश से आने वाले अवैध प्रवासियों की वजह से पूरे नॉर्थ-ईस्ट भारत में कई डेमोग्राफिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
इसके अलावा जनरल सिंह ने इस बात को भी स्वीकार किया था कि बांग्लादेश से आने वाले नागरिक देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा और असम में एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
आंकड़ों पर अगर यकीन करें तो भारत में खासतौर पर असम में अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेश नागरिकों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है।
वर्ष 2011 में हुई जनगणना के मुताबिक असम के कई जिले जहां पर गैरकानूनी तरीके से रहने वाले प्रवासियों का दबदबा है, वहां पर जनसंख्या में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
असम की सीमा से सटे ढुबरी जिले में जनसंख्या वृद्धि की दर सबसे ज्यादा है और यह जिला बांग्लादेश से सटा हुआ है।
हमें रहना होगा सावधान
रिटायर्ड मेजर जनरल गगनदीप बख्शी के मुताबिक पाकिस्तान और चीन के साथ ही हमें अब बांग्लादेश से सावधान रहने की जरूरत है।
हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एक किताब लिखने वाले मेजर जनरल गगनदीप बख्शी के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा और कई बड़े आतंकी संगठनों के समूह अब बांग्लादेश में सक्रिय हो रहे हैं और उनका सिर्फ एक मकसद है, भारत को घेरना।
वह बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में भेजकर अपने इरादों को अंजाम देने की कोशिशे कर सकते हैं। ऐसे में अब हर पल सावधान रहने और इन नागरिकों के खिलाफ कदम उठाने का समय आ गया है।












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