Raghupati Raghav Bhajan: 'रघुपति राघव...' भजन किसने लिखा? क्या बापू वाला गीत असली नहीं?

Raghupati Raghav Bhajan: 22 जनवरी 2024 का दिन इतिहास के पन्नों में अंकित हो गया है। रामलला अयोध्या मंदिर में विराजित हो गए हैं। सोमवार को जिस वक्त उनकी प्राण-प्रतिष्ठा हुई उस वक्त जो वातावरण था वो ऐतिहासिक और अलौकिक था,जिसे कि शब्दों में वर्णित भी नहीं किया जा सकता है।

Raghupati Raghav Bhajan

जिस वक्त गर्भगृह में प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही थी, उस वक्त अंदर तो मंत्रों की गूंज थी लेकिन अयोध्या प्रांगण में पूरे दिन 'रघुपति राघव राजा राम' भजन बज रहा था।

गूगल पर बहुत ज्यादा सर्च हुआ 'रघुपति राघव...'

और आपको जानतकर हैरत होगी सोमवार को ये गीत गूगल पर बहुत ज्यादा सर्च हुआ है। मालूम हो कि ये भजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजनों में से एक है लेकिन जो उनकी पूजा संध्या में बजा करता था वो मौलिक नहीं है। दरअसल जो भजन वो गाते थे उसके शब्द निम्नलिखित हैं।

  • रघुपति राघव राजा राम!
  • ईश्वर अल्लाह तेरो नाम!!
  • सबको सन्मति दे भगवान!

जबकि जो मौलिक भजन हैं उसके बोल निम्नलिखित हैं...

  • रघुपति राघव राजाराम भजन
  • रघुपति राघव राजाराम
  • पतित पावन सीताराम ॥
  • सुंदर विग्रह मेघश्याम
  • गंगा तुलसी शालग्राम ॥
  • रघुपति राघव राजाराम
  • पतित पावन सीताराम ॥
  • भद्रगिरीश्वर सीताराम
  • भगत-जनप्रिय सीताराम ॥
  • रघुपति राघव राजाराम
  • पतित पावन सीताराम ॥
  • जानकीरमणा सीताराम
  • जयजय राघव सीताराम ॥
  • रघुपति राघव राजाराम
  • पतित पावन सीताराम ॥
  • रघुपति राघव राजाराम
  • पतित पावन सीताराम ॥

किसने लिखा ये भजन?

आपको बता दें कि इस गीत को श्याम सुंदर शर्मा ने लिखा था, जो कि कथावाचक प्रेम भूषण महाराज गाया करते थे। कुछ साहित्यकारों का कहना है कि इसके गीत के शब्द श्री नम: रामायणम् से लिए गए हैं जिसे कि लक्ष्मणाचार्य ने लिखी थी।

12 मार्च 1930 को डांडी मार्च में गाया था ये भजन

तो वहीं कुछ लोग कहते हैं कि ये राम धुन थी, जिसे कि 12 मार्च 1930 को डांडी मार्च में लेखक पंडित विष्णु दिगम्बर पलुस्कर ने गाया था और उस वक्त महात्मा गांधी को ये इतना पसंद आ गया कि उन्होंने इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया और इसलिए जब भी ये भजन बजता है तो प्रभु श्री राम और बापू दोनों ही बहुत याद आते है।

क्या है भजन का अर्थ?

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम ॥

अर्थात रघुपति राघव राजाराम अर्थात रघु के पुत्र भी लोगों के राजा हैं जो पापियों को उद्धार करते हैं।

डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार की राय जरूर लें।

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