जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद कौन संभालेगा उपराष्ट्रपति की कुर्सी? इन नामों की हो रही है चर्चा
Vice President of India election: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 की देर शाम स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म को सौंपे गए इस्तीफे में उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) का हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और डॉक्टर की सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं।
धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब संसद का मानसून सत्र शुरू ही हुआ है। उनके इस्तीफे के बाद, उपराष्ट्रपति का पद, जो राज्यसभा के अध्यक्ष भी होते हैं, खाली हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण चुनाव की संभावना है। तो आइए जानते हैं जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद भाजपा ने दिग्गज को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित कर सकती है और उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?

गौरतलब है कि 74 वर्षीय जगदीप धनखड़ ने 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से दो साल पहले ही इस्तीफा दे दिया। धनखड़ के इस्तीफे के साथ, भारत के उपराष्ट्रपति का पद खाली हो गया है, जो राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करते हैं। माना जा रहा है जल्द ही नए उपराष्ट्रपति के चयन में भारतीय जनता पार्टी बड़ा सियासी दांव चल सकती है।
NDA सरकार के पास उपराष्ट्रपति चुनने के लिए पर्याप्त बहुमत है
ध्यान देने वाली बात है कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के पास उपराष्ट्रपति चुनने के लिए पर्याप्त बहुमत है। ऐसे में अब सबकी निगाहें टिकी हैं कि भाजपा उपराष्ट्रपति के पद पर किसका नाम प्रस्तावित करेगा। धनखड़ के नाम के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
भाजपा किसे बनाएगी उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार?
मीडिया में पार्टी सूत्रों के हवाले से आई खबरों के अनुसार नए उपराष्ट्रपति के नाम पर अलग-अलग राज्यों के राज्यपाल, संगठन के अनुभवी नेता और केंद्रीय मंत्रियों में से किसी एक को चुना जा सकता है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता के अनुसार भाजपा ऐसे व्यक्ति को इसके पद के लिए चुनेगी जो अनुभवी, पसंदीदा होने के साथ जिसके नाम पर कोई विवाद ना हो।
कौन हो सकता है वो संभावित उम्मीदवार?
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025 के अंत में बिहार चुनाव होने वाला है, इसलिए जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को भी उपराष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों के तौर पर देखा जा रहा है।
हरिवंश नारायण सिंह 2020 से इस पद पर हैं और उन्हें एनडीए सरकार का विश्वास प्राप्त माना जाता है। इसके अलावा राजनाथ सिंह, तमिलसाई सौंदर्यराजन, सुकांत मजूमदार का भी नाम इस पद के लिए जा रहा है तो वहीं राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस कुर्सी के लिए कोई चौंकने वाला नाम भी सामने आ सकता है क्योंकि भाजपा इस तरह की राजनीति में माहिर है।
कैसे होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?
- उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
- यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल हस्तांतरणीय वोट के माध्यम से होता है, और मतदान गुप्त होता है।
- उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भाग लेते हैं, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं।
- उपराष्ट्रपति चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम) के माध्यम से होता है, जिसमें सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
- वोटिंग के दौरान, मतदाता को अपनी पसंद के आधार पर प्राथमिकताएं तय करनी होती हैं। बैलेट पेपर पर पहली पसंद को '1', दूसरी को '2' और इसी क्रम में प्राथमिकताएं अंकित करनी होती हैं। उदाहरण के तौर पर उपराष्ष्ट्रपति पद के A,b और C उम्मीदार हैं तो अपनी पसंद की प्राथमिकता के आधार पर वोट देना होगा।
- मतदान समाप्त होने के बाद, पहले दौर की गिनती में यह देखा जाता है कि प्रत्येक उम्मीदवार को पहली प्राथमिकता वाले कितने वोट मिले हैं।
- यदि पहली गिनती में ही किसी उम्मीदवार को आवश्यक कोटे के बराबर या उससे अधिक वोट मिल जाते हैं, तो उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है।
- यदि ऐसा नहीं होता है, तो दोबारा गिनती की जाती है। इस बार, जिस उम्मीदवार को सबसे कम वोट मिलते हैं, उसे बाहर कर दिया जाता है और उसके पहली प्राथमिकता वाले वोटों में देखी गई दूसरी प्राथमिकता को अन्य उम्मीदवारों को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
- यदि इस प्रक्रिया के बाद किसी उम्मीदवार को आवश्यक कोटे के बराबर या उससे अधिक वोट मिल जाते हैं, तो उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की क्या योग्यता होनी चाहिए?
- व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए।
- 35 वर्ष की आयु पूरी करनी चाहिए।
- राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुनाव के लिए योग्य होना चाहिए।
- यदि वह भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर है, तो वह पात्र नहीं होगा।
कब होता है उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव?
- भारत के संविधान के अनुसार उपराष्ट्रपति के पद की अवधि समाप्त होने से पहले ही नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है।
- उपराष्ट्रपति का पद रिक्त होने की स्थिति में, जैसे कि मृत्यु, इस्तीफे या पद से हटाए जाने के कारण, चुनाव जितनी जल्दी हो सके आयोजित किए जाते हैं।
- यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपराष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही नए उपराष्ट्रपति का चुनाव संपन्न हो जाए। उपराष्ट्रपति का पद खाली होने की स्थिति में, सरकार तुरंत से चुनाव करवाती है।












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