उपराष्ट्रपति और भाजपा अध्यक्ष कौन होगा? मोदी-शाह की मर्जी चलेगी या RSS की जिद को मिलेगी मंजूरी, क्या है इनसाइड
Vice-President And BJP President: भारत उप-राष्ट्रपति की कुर्सी का अचानक खाली होना और भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति में हो रही लंबी देरी ने सत्तारूढ़ पार्टी को एक ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां उसे दोनों पदों के लिए जातीय संतुलन और राजनीतिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए बेहद सोच-समझकर उम्मीदवार चुनने होंगे।
भाजपा नेतृत्व चाहता है कि अगस्त के आखिर तक नया उप-राष्ट्रपति चुना जाए और इसी अवधि में नया भाजपा अध्यक्ष भी नियुक्त किया जाए। टेलीग्राफ के मुताबिक पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा है कि उप-राष्ट्रपति का पद ऐसे नेता को दिया जाना चाहिए, जिसके पास संसदीय अनुभव और राज्यसभा की कार्यवाही को कुशलता से संचालित करने की राजनीतिक समझ हो।

सूत्रों का मानना है कि अगर भाजपा उप-राष्ट्रपति पद के लिए किसी सवर्ण (ऊंची जाति) नेता का चयन करती है, तो पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी ओबीसी या दलित नेता को दी जा सकती है, ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे।
मोदी-शाह की रणनीति: सामाजिक पहचान पर खास फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ऐसे संवैधानिक पदों पर नियुक्ति करते समय उम्मीदवारों की सामाजिक पहचान पर खास ध्यान देती है। 2022 में द्रौपदी मुर्मू को भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनाने को इसी रणनीति के तहत एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया गया था। उसी साल जगदीप धनखड़ को उप-राष्ट्रपति बनाकर "किसान का बेटा" के तौर पर पेश किया गया था, ताकि जाट किसानों के बीच एक सकारात्मक माहौल तैयार हो सके, जिन्होंने पहले किसान आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी।
जल्द होगी NDA उम्मीदवार की घोषणा, संसद सत्र बढ़ सकता है
भाजपा की सर्वोच्च फैसला लेने वाली इकाई संसदीय बोर्ड की बैठक जल्द बुलाई जा सकती है, जिसमें उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। हालांकि उम्मीदवार भाजपा से ही होगा, लेकिन नाम तय करने से पहले एनडीए सहयोगियों से चर्चा की जाएगी, क्योंकि मौजूदा लोकसभा में मोदी सरकार को सहयोगियों पर ज्यादा निर्भरता है।
चुनाव आयोग ने शुरू की उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है और राज्यसभा महासचिव को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
चूंकि चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सांसद वोट डालते हैं, इसलिए मानसून सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है ताकि सभी सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। सत्र फिलहाल 21 अगस्त तक तय है, लेकिन इसे एक हफ्ते तक बढ़ाया जा सकता है।
भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति: मोदी-शाह की पसंद VS संघ की मांग
भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति पर देरी का कारण भाजपा नेतृत्व और आरएसएस (RSS) के बीच सहमति की कमी है। संघ की मांग है कि पार्टी को एक मजबूत संगठनात्मक नेता मिले, जो "मोदी-शाह की कठपुतली" न हो, बल्कि पार्टी को मोदी युग के बाद भी दिशा दे सके। वहीं मोदी और शाह अपनी पसंद का नेता चाहते हैं, ताकि पार्टी पर उनकी पकड़ बनी रहे।
पार्टी नेतृत्व ने संघ के पास दो ओबीसी केंद्रीय मंत्रियों -शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव -के नाम भेजे हैं। संघ इन नामों से ज्यादा संतुष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक अगर खुद मोदी हस्तक्षेप करें, तो रास्ता निकल सकता है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता मुताबिक, ''उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, अगला भाजपा अध्यक्ष कौन होगा, इस पर भी चर्चा कर सकते हैं और फिर इसे संघ के साथ साझा किया जाएगा।"
संघ संगठन चाहता है, सरकार नहीं
गौरतलब है कि संघ सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन पार्टी संगठन को नियंत्रित करना चाहता है। इसलिए संघ अपने विश्वसनीय नेताओं को भाजपा में संगठन महामंत्री के रूप में नियुक्त करता है, ताकि पार्टी का वैचारिक जुड़ाव बना रहे।












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