आखिरी कॉल में स्नेहा ने मां से क्या कहा? 6 दिन से थी लापता, अब मिली लाश, पढ़ें सिग्नेचर ब्रिज तक की वो कहानी
Sneha Debnath Death Case: दिल्ली यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय छात्रा स्नेहा देबनाथ का शव रविवार (13 जुलाई) शाम को यमुना नदी में गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास से बरामद हुआ। वो पिछले 6 दिनों से लापता थीं और उनकी आखिरी लोकेशन सिग्नेचर ब्रिज पर पाई गई थी। स्नेहा ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिमसें यमुना नदी पर बने पुल से कूदने का इराजा जताया था। वह पिछले छह दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी।
स्नेहा मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली थी। दिल्ली में स्नेहा साउथ दिल्ली के पर्यावरण कॉम्प्लेक्स में रहती थी और दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज की छात्रा थी। पुलिस पिछले कई दिनों से स्नेहा की तलाश कर रही थी। आइए जानें इस केस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी डिटेल

Who was Sneha Debnath: कौन थीं स्नेहा देबनाथ?
स्नेहा त्रिपुरा के सबरूम (दक्षिण त्रिपुरा जिला) की रहने वाली थीं और दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज में बीए मैथमैटिक्स की छात्रा थीं। परिवार वालों के मुताबिक वह पढ़ने में तेज और महत्वाकांक्षी लड़की थीं, जो जीवन में कुछ बड़ा करना चाहती थीं।
उनके पिता सुबेदार मेजर (मानद) लेफ्टिनेंट पृथीश देबनाथ (सेवानिवृत्त) हैं, जो इस समय गंभीर किडनी फेल्योर से जूझ रहे हैं और डायलिसिस पर हैं। बेटी की तलाश में उन्होंने एक ऑनलाइन डैशबोर्ड भी लॉन्च किया था ताकि जनता से किसी भी प्रकार की जानकारी मिल सके।
आखिरी कॉल में क्या कहा था स्नेहा ने अपमी मां से?
स्नेहा ने 7 जुलाई की सुबह 5:56 बजे अपनी मां को फोन किया था और बताया कि वह अपनी दोस्त पिटुनिया के साथ सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन जा रही हैं। लेकिन उसी दिन सुबह 8:45 बजे उनका फोन स्विच ऑफ हो गया, जिससे परिवार में बेचैनी फैल गई। जब परिवार ने पिटुनिया से संपर्क किया, तो उसने बताया कि उस दिन उसकी स्नेहा से कोई मुलाकात नहीं हुई थी।
इसके बाद परिवार ने कैब की जानकारी निकाली, जिससे पता चला कि कैब ड्राइवर ने स्नेहा को सिग्नेचर ब्रिज के पास उतारा था -जो कि आत्महत्या के लिए कुख्यात इलाका माना जाता है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि टेक्निकल सर्विलांस में भी स्नेहा की आखिरी लोकेशन सिग्नेचर ब्रिज ही थी।
स्नेहा ते कमरे से मिला सुसाइड नोट
स्नेहा के कमरे की तलाशी में पुलिस को एक हाथ से लिखा हुआ नोट मिला जिसमें आत्महत्या की मंशा जाहिर की गई थी। इसके बाद महरोली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई। NDRF और लोकल पुलिस की टीमों ने मिलकर यमुना नदी के कई किलोमीटर इलाके में तलाश की। समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकित चौहान के हवाले से बताया, "कैब ड्राइवर ने स्नेहा को सिग्नेचर ब्रिज पर छोड़ने की पुष्टि की है। तकनीकी निगरानी से पता चला है कि उसकी आखिरी लोकेशन सिग्नेचर ब्रिज ही थी।"
आर्थिक स्थिति और बैंक ट्रांजैक्शन
स्नेहा के एक पारिवारिक मित्र के मुताबिक, पिछले चार महीनों से स्नेहा के अकाउंट में कोई बैंक ट्रांजैक्शन नहीं हुआ था, जिससे यह सवाल उठता है कि वह दिल्ली में कैसे रह रही थी और उसका खर्चा कौन उठा रहा था। वो 7 जुलाई को घर से बिना कोई सामान लिए निकली थीं, न कोई बैग, न कपड़े, न जरूरी दस्तावेज।
चश्मदीद और स्नेहा के शव की बरामदगी
कुछ चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने 7 जुलाई की सुबह एक लड़की को सिग्नेचर ब्रिज पर खड़े देखा था। इसी जानकारी के आधार पर NDRF और पुलिस ने मिलकर खोज अभियान चलाया। रविवार 13 जुलाई शाम को गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के नीचे यमुना से एक शव मिला, जिसे स्नेहा के परिवार ने पहचान लिया।
परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर उठाए सवाल
स्नेहा के परिवार और दोस्तों ने पुलिस की लापरवाही को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है, "सिग्नेचर ब्रिज एक हाई-रिस्क एरिया है, जहां कई आत्महत्या की घटनाएं होती हैं, लेकिन वहां एक भी CCTV कैमरा काम नहीं करता।"
एक दोस्त ने कहा, "हमारी बहन लापता थी और हमारे पास कोई पुख्ता सुराग नहीं था क्योंकि वीडियो फुटेज जैसा अहम सबूत ही मौजूद नहीं था। हम दिल्ली पुलिस और सरकार से इसका जवाब चाहते हैं और मांग करते हैं कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।"
परिवार ने यह भी कहा कि सिग्नेचर ब्रिज की जिम्मेदारी चार से पांच अलग-अलग पुलिस थानों में बंटी हुई है, जिससे समन्वय और जवाबदेही में दिक्कत आती है।
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