कौन हैं वीना रेड्डी ? जो भारत में अमेरिकी एजेंसी USAID की हेड बनी हैं
नई दिल्ली, 5 अगस्त: पहली भारतीय-अमेरिकी महिला वीना रेड्डी ने गुरुवार को भारत में अमेरिकी एजेंसी यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) की हेड का पदभार संभाल लिया है। उनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ था और वह अमेरिकी विदेश सेवा की वरिष्ठ अधिकारी हैं। मौजूदा मिशन के तहत वह अपनी एजेंसी के लिए भारत के साथ-साथ भूटान का भी कामकाज देखेंगी। उन्होंने कहा है कि उनकी संस्था के साथ भारत का सात दशक पुराना भागीदारी का रिश्ता है और वह इसे अपने कार्यकाल में और मजबूत बनने की उम्मीद करती हैं।

भारत में अमेरिकी एजेंसी की हेड बनी हैं वीना रेड्डी
अमेरिकी विदेश सेवा की वरिष्ठ अधिकारी वीना रेड्डी ने भारत में अमेरिकी एजेंसी यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) की हेड का जिम्मा संभाला है। वह पहली भारतीय-अमेरिकी हैं, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने यह जिम्मेदारी दी है। रेड्डी भारत के साथ-साथ भूटान में भी यूएसएआईडी के काम को लीड करेंगी। भारत में अमेरिकी दूतावास के कार्यकारी प्रमुख एंबेसडर अतुल केशप ने उनकी नियुक्ति को 'गर्व और प्रशंसा' वाला पल बताया है, क्योंकि एक और भारतीय-अमेरिकी को भारत में महत्वपूर्ण मिशन की अगुवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। उनके मुताबिक इससे 'अमेरिका में जीवन के सभी क्षेत्रों में भारतीय-अमेरिकियों की उपलब्धियां' जाहिर होती हैं। (पहली तस्वीर सौजन्य: यूएसएआईडी ट्विटर)
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कौन हैं वीना रेड्डी ?
आंध्र प्रदेश में जन्मीं वीना रेड्डी इससे पहले कंबोडिया में यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट की मिशन डायरेक्टर रह चुकी हैं, जहां वो खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल संरक्षण, लोकतंत्र और शासन को सशक्त करने से जुड़े विषयों पर काम कर चुकी हैं। उससे पहले वो हैती में यूएसएआईडी की डिप्टी मिशन डायरेक्टर के रूप में काम कर चुकी हैं। अपना पद संभालने के बाद सुश्री रेड्डी ने गुरुवार को कहा है कि वो भारत सरकार और लोगों के साथ अपने संगठन के सात दशक पुरानी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए काम करेंगी। उनके मुताबिक 'पिछले सात दशकों से, यूएसएआईडी ने एक शांतिपूर्ण और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए भारत की जनता और सरकार के साथ भागीदारी की है। इस दौरान हमारी साझेदारी विकसित हुई है, और मैं अपने संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद करती हूं।'

अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भी हो चुकी है तैनाती
अमेरिका की फेडरल सरकार में करियर की शुरुआत करने से पहले रेड्डी न्यूयॉर्क, लंदन और लॉस एंजेलिस में कॉर्पोरेट अटॉर्नी रह चुकी हैं। वो कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ से डॉक्टर ऑफ जुरिस्प्रूडेंस हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से एमए और बीए किया है। हैती में तैनाती से पहले वो वॉशिंगटन डीसी में असिस्टेंट जनरल काउंसल के तौर पर एशिया, मध्य पूर्व, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जुड़े यूएसएआईडी के कानूनी मसलों को संभालती थीं। अमेरिकी विदेश सेवा में रहते हुए उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव कई देशों का है, जिसमें वो यूएसएआईडी के पाकिस्तान मिशन को भी संभाल चुकी हैं और मध्य एशिया और मध्य अमेरिका में क्षेत्रीय जिम्मेदारियां भी देख चुकी हैं।

भारत में क्या है यूएसएआईडी का काम ?
बता दें कि भारत में यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट का रोल विकास का लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण से जुड़े सुधार, जलवायु परिवर्तनों से निपटने, स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी और कोविड-19 के खिलाफ सक्रियता बढ़ाने में मदद करना है। रेड्डी का कहना है, 'कोविड -19 महामारी के दौरान सभी के सामने आई चुनौतियों ने भारत और उसके बाहर भी एक बहुत बड़ा मानवीय और आर्थिक असर डाला है। मुझे विश्वास है कि अमेरिकी-भारतीय साझेदारी की ताकत और गर्मजोशी की वजह से हम समृद्धि की राह पर आगे बढ़ते रहेंगे।' (आखिरी तस्वीर सौजन्य: यूएसएआईडी वेबसाइट)












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