Avadh Ojha: कौन हैं अवध ओझा, क्यों कर रहे विकास दिव्यकीर्ति के साथ ट्रेंड? जानिए उनकी पूरी कहानी
Avadh Ojha Profile: दिल्ली के राऊ आईएएस स्टडी सर्किल में हुए दिल दहला देने वाली घटना के बाद हर तरफ आक्रोश है। बेसमेंट में पानी भरजाने से तीन UPSC कैंडिडेट्स की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में हुई।
इसके बाद दिल्ली MCD के अधिकारियों ने शहर भर में अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति के बने कोचिंग सेंटरों के खिलाफ जोरदार अभियान शुरू किया है। 30 जुलाई को, नगर निगम अधिकारियों ने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति द्वारा संचालित प्रमुख कोचिंग सेंटर दृष्टि IAS का निरीक्षण किया।

इस हादसे के बाद जाने माने UPSC कोच विकास दिव्यकीर्ति, अवध ओझा जैसे टीचर्स की चुप्पी ने छात्रों को और भी अधिक परेशान किया। हालांकि, इनलोगों ने अपनी चुप्पी तोड़ी लेकिन घटना के 4 दिनों बाद। उनकी सार्वजनिक टिप्पणी की कमी ने छात्र समुदाय में काफी निराशा और असंतोष पैदा कर दिया, जो अब इन शैक्षिक हस्तियों की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं।
इस वक्त विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा जैसे नाम हर किसी की जुबान पर हैं। आइए आज जानते हैं अवध ओझा से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें, उनका करियर, उनकी जर्नी के साथ-साथ उनके पर्सनल लाइफ से भी जुड़ी कुछ खास चीजों को...
कौन हैं अवध ओझा?
सफलता की चमकदार बाहरी सतह के पीछे अक्सर एक कहानी होती है जो सोच से परे से संघर्षों, जीवन के अप्रत्यासित मोड़ और अडिग धैर्य से भरी होती है। ऐसी ही कहानी है अवध ओझा की, जिनका नाम अब शिक्षा में उत्कृष्टता का पर्याय बन चुका है।
अवध ओझा का जन्म 3 जुलाई 1984 को गोंडा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता श्रीमाता प्रसाद ओझा एक सरकारी पोस्टमास्टर थे और उनकी मां वकील थीं। उनका सफर गोंडा के साधारण परिवेश से शुरू हुआ, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा फातिमा स्कूल में पूरी की। उनके माता-पिता चाहते थे कि वे मेडिसिन के क्षेत्र में करियर बनाएं, और डॉक्टर बनें, लेकिन अवध की रुचि कहीं और थी।
इलाहाबाद में उच्च शिक्षा प्राप्त करते समय अवध का परिचय यूपीएससी की दुनिया से हुआ। हालांकि, यह रास्ता चुनौतियों से भरा था। कई प्रयासों के बावजूद वे परीक्षाएं पास नहीं कर सके, जिससे परिवार के साथ मतभेद हो गए। खुद को संभालने के लिए अवध ने विभिन्न नौकरियां कीं, जिनमें एक बारटेंडर के रूप में काम करना भी शामिल था।
अवध का शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश लगभग संयोगवश हुआ। घर से निकाले जाने के बाद उन्हें एक स्थानीय कोचिंग सेंटर में हिस्ट्री पढ़ाने का मौका मिला। उनकी अनोखी शिक्षण शैली ने जल्दी ही ध्यान आकर्षित किया और 2005 तक अवध दिल्ली चले गए ताकि अपने करियर को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने चाणक्य आईएएस अकादमी और वाजिराम एंड रवि आईएएस जैसे प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में काम किया, जहां उनकी प्रभावी विधियां और स्पष्ट लेक्चर छात्रों के दिलों में जगह बना गईं।
2019 में, अवध ने पुणे, महाराष्ट्र में IQRA IAS Academy की स्थापना की। यह अकादमी जल्द ही अपनी उच्च सफलता दर के लिए प्रसिद्ध हो गई और देशभर से छात्रों को आकर्षित करने लगी। डिजिटल प्लेटफार्मों की क्षमता को पहचानते हुए, अवध ने 2020 में अपना यूट्यूब चैनल "Ray Avadh Ojha" लॉन्च किया। इस चैनल पर अब 700,000 से अधिक सब्सक्राइबर हैं और इसमें प्रेरणात्मक वीडियो और शैक्षिक सामग्री शामिल हैं, जिससे UPSC उम्मीदवारों के प्रिय शिक्षक की छवि और मजबूत हुई है।












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