कौन है वो कांग्रेसी जो खुश होगा नारायण राणे की हार से?
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)।महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण राणे विधानसभा हार गए हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है। उनको उनके गढ़ कुदल में शिव सेना के वैभव नाइक ने मात दी। इस हार से राणे बेहद दु:खी होंगे, जाहिर है उनके परिवार के सदस्य व दोस्त-यार और पार्टी कार्याकर्ता भी। लेकिन कांग्रेस पार्टी में ही कोई है, जो मन ही मन राणे की हार से खुश होंगे।

वो नाम है पृथ्वीराज चौहान, क्योंकि राजनीति में राणे उनके लिये हमेशा परेशानियां खड़ी करते रहते थे। नारायण राणे में राजस्व मंत्री भी रहे। वे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। वे पहले शिवसेना के सदस्य थे। राजनीति से जुड़ने से पहले वे चेंबूर क्षेत्र में हन्या-नर्या गिरोह के सदस्य थे, जो कि मुंबई का एक उपनगर है। उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सरकार के बिक्री कर विभाग के साथ भी काम किया है।
कांग्रेस से निलंबित हुए थे
जानकारों का कहना है कि उनकी हार से मुख्यमंत्री चौहान जरूर अंदर ही अंदर खुश होंगे। राणे को पार्टी के बारे में प्रतिकूल टिप्पणियां पारित करने के लिए कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। सोनिया गांधी को माफीनामा पत्र देने के बाद पार्टी द्वारा उनके निलंबन को रद्द किया गया।
राणे ने शिवसेना छोड़ी और उसके बीस दिनों के बाद महाराष्ट्र विधानसभा से बाहर हो गए। उनके ऐसा करने के पीछे का कारण जाहिर तौर पर पार्टी और पार्टी मुखिया बालासाहेब ठाकरे द्वारा उन्हें दरकिनार करना था और उनके बेटे उद्धव ठाकरे का आगे बढ़ना था। इसके बाद वे कांग्रेस में भर्ती हो गए और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री का पद प्राप्त किया, जो कि एक शक्तिशाली पद है। राणे ने कोंकण क्षेत्र के अपने माल्वन सीट पर कांग्रेस की टिकट पर फिर से चुनाव की मांग की और शिवसेना की भारी टक्कर के बावजूद वे 50,000 से भी अधिक मत से जीते।
राणे ने 2007 में मुख्यमंत्री पद को पाने के प्रयास में वे अपनी ही पार्टी के आधिकारिक मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को चुनौती देने के चलते जनता के खिलाफ हो गए। बहरहाल, इस चुनाव में उनकी हार से साफ है कि प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ जबरदस्त माहौल था।












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