कौन है डिंपल यादव के राइट हैंड रहे सपा नेता नवाब सिंह? नाबालिग से रेप के आरोप में गिरफ्तार, पढ़ें पूरी कुंडली
Nawab Singh Yadav: उत्तर प्रदेश के कन्नौज में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता नवाब सिंह यादव को 15 साल की लड़की से कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश करने के आरोप गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने नवाब सिंह यादव को रात के समय नाबालिग लड़की के साथ रेप की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया है।
डायल 112 पर मिली सूचना के बाद कॉलेज के रूम में पहुंचकर पुलिस ने नवाब को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस जब उन्बें गिरफ्तार करने पहुंची थी तो वह अंडरवियर में था। नवाब सिंह यादव पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुका है। नवाब को जिले में अखिलेश और डिंपल का राइट हैंड भी माना जाता है। भाजपा ने सपा को लेकर इसपर निशाना साधा है। हालांकि सपा नेता ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र कहा है।

ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर नवाब सिंह यादव कौन है? नवाब सिंह यादव को सपा सांसद अखिलेश यादव और डिंपल यादव का करीबी माना जाता है। इसे कन्नौज का 'मिनी सीएम' भी कहा जाता है। ये पिछले 25 सालों से अखिलेश यादव के साथ साए की तरह रहता है।
who is Nawab Singh Yadav: कौन है नवाब सिंह यादव?
🔴नवाब सिंह यादव कन्नौज जिले के कटरी के अडंगापुर गांव का रहने वाला है। नवाब यादव ने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की थी।
🔴कन्नौज के कॉलेज में छात्रसंघ की राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाला नवाब सिंह यादव 1997 में सपा के छात्र संगठन लोहिया वाहिनी से जुड़ा। जिसके बाद पार्टी ने नवाब सिंह को लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष बनाया था।
🔴जब 1999 में अखिलेश यादव कन्नौज से अपना पहला चुनाव लडे थे तो उसी दौरान नवाब सिंह यादव उनके संपर्क में आया। उस वक्त जब अखिलेश यादव जमीनी स्तर पर राजनीति में उतरे थे तो उन्होंने एक टीम बनाई थी, जिसमें नवाब सिंह यादव भी शामिल था क्योंकि वह उस वक्त लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष के पद पर था। वह धीरे-धीरे अखिलेश के करीबी नेताओं में आया।
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नवाब सिंह यादव पर भी दर्ज हुए कई मामले
नवाब सिंह यादव को 2006 में कन्नौज सदर सीट से ब्लॉक प्रमुख चुना गया था। 2007 में जब मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो नवाब सिंह यादव के खिलाफ हत्या की कोशिश, वसूली, अपहरण, धमकी-फिरौती जैसे कई गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन उस हर वक्त अखिलेश यादव समर्थन मिला हुआ था।
जब साल 2012 में अखिलेश यादव के सीएम बनने और कन्नौज से डिंपल यादव के सांसद बनने के बाद उसका जिले में राज चलने लगा था। मीडिया रिपोर्ट में उसे कन्नौज का 'मिनी सीएम' कहा जाने लगा। कहा जाता है कि 2012 में डिंपल यादव जब कन्नौज से निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं तो उसमें नवाब सिंह यादव की बड़ी भूमिका थी। हालांकि अब कन्नौज से अखिलेश यादव और डिंपल यादव मैनपुरी से सांसद हैं।

नवाब सिंह यादव को लेकर सपा और भाजपा में टकराव
नवाब सिंह यादव को लेकर ने भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच राजनीतिक टकराव को जन्म दे दिया है। भाजपा का दावा है कि आरोपी नवाब सिंह यादव, कन्नौज से सांसद के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान डिंपल यादव के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ था।
यूपी बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इस घटना की तुलना अयोध्या में हाल ही में हुए नाबालिग लड़की के बलात्कार मामले से की। राकेश त्रिपाठी ने कहा, "नवाब सिंह यादव न केवल सपा के छोटे नेता हैं, बल्कि वे (पूर्व) सांसद डिंपल यादव के प्रतिनिधि भी रहे हैं।"
उन्होंने सपा की आलोचना करते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी हमेशा से ही ऐसे अपराधों को इस नीति के तहत छुपाती रही है कि लड़के तो लड़के हैं, उनसे गलती हो जाती है। पहले अयोध्या के मोइन खान और कन्नौज के नवाब यादव। यही सपा का असली चरित्र है।"
जवाब में सपा की कन्नौज इकाई के अध्यक्ष कलीम खान ने स्पष्ट किया कि नवाब सिंह यादव अब उनकी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। खान ने कहा, "यह उनका निजी मामला है और समाजवादी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
पूरे मामले पर पुलिस ने क्या कहा?
कन्नौज के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया, "रात करीब डेढ़ बजे यूपी 112 पर एक कॉल आई जिसमें लड़की ने आरोप लगाया कि उसके कपड़े उतार दिए गए और उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया गया। लड़की और उसकी मौसी नवाब सिंह यादव से मिलने गई थीं, जिन्होंने उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था। जब लड़की की मौसी बाथरूम गई तो नवाब यादव ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। वापस लौटने पर उन्होंने नवाब यादव को अंडरगारमेंट्स में देखा, तो उन्होंने तुरंत 112 पर कॉल किया।''
स्थानीय पुलिस और पीआरवी की टीमें संकट की सूचना मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने लड़की को बचाया और नवाब यादव को हिरासत में ले लिया, जबकि वह आपत्तिजनक हालत में था। अधीक्षक आनंद ने पुष्टि की कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पोक्सो अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आगे की कानूनी कार्यवाही चल रही है।












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