Mumbai के डोंगरी का Salim Doda कैसे बना Dawood Ibrahim के ₹252 करोड़ का ड्रग किंगपिन? इस्तांबुल में दबोचा गया
Dawood Ibrahim Drug Syndicate Busted: तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी और कुख्यात ड्रग सरगना सलीम डोला (59) गिरफ्तार हो गया। तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (MIT) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे दबोचा है।
सलीम डोला लंबे समय से भारत की कई एजेंसियों की नजर में था और इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी उसके खिलाफ जारी था। अब उसे भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

Who Is Salim Doda: सलीम डोला कौन है? डोंगरी से दाऊद गैंग तक का सफर
मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला सलीम डोला द-कंपनी (Salim Dola- D Company) के ड्रग सिंडिकेट का अहम कड़ी माना जाता है। 2015-16 में वह भारत से फरार हो गया था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPC Act) के तहत 8 से 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। ये मामले कमर्शियल मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स (खासकर मेफेड्रोन या MD) की तस्करी, निर्माण और सप्लाई से जुड़े हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सलीम डोला भारत-मध्य पूर्व तक फैले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को संचालित करता था। वह हवाला लेन-देन, फर्जी यात्रा दस्तावेज और जाली UAE आईडी का इस्तेमाल करके अपनी पहचान छिपाए हुए था। उसका नेटवर्क कृत्रिम दवाओं (सिंथेटिक ड्रग्स) के निर्माण, तस्करी और वितरण में सक्रिय था।
Salim Dola Istanbul Arrest: 252 करोड़ का मुंबई-सांगली ड्रग केस, कैसे जुड़ा सलीम डोला?
इस गिरफ्तारी की जड़ मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (Anti-Narcotics Cell) की उस बड़ी जांच में है, जिसमें 252 करोड़ रुपये से ज्यादा का मेफेड्रोन जब्त हुआ था।
- 15 फरवरी 2024: सायाजी पगारे चॉल के पास एक महिला कूरियर को 641 ग्राम MD, 12.2 लाख नकद, सोने के जेवरात और मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया गया।
- पूछताछ में उसने दुबई स्थित सलीम डोला, उसके सहयोगी मोहम्मद सलीम सोहेल शेख उर्फ लाविश (29) और साजिद मोहम्मद आसिफ शेख उर्फ डैब्स का नाम लिया।
- इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच और सांगली पुलिस ने सांगली जिले के कावठे महांकाल तालुका के इरती गांव में छापा मारा।
- 123 किलो मेफेड्रोन (कुल 126 किलो तक रिपोर्ट), लैब उपकरण (ओवन, मिक्सर, फिल्ट्रेशन यूनिट) जब्त हुए।

सलीम डोला का बेटा ताहिर सलीम डोला (30) भी इसी केस में नाम आने के बाद जून 2025 में UAE से डिपोर्ट होकर भारत आया था। वहीं, 11 जुलाई 2025 को सलीम डोडा के भांजे मुस्तफा कुब्बावाला को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से गिरफ्तार कर भारत लाया है। लाविश को भी दुबई से डिपोर्ट कर गिरफ्तार किया गया था।
Mumbai Drugs Case: क्या हैं आगे के मायने?
तुर्की में सलीम डोला की गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम के ड्रग सिंडिकेट पर करारा झटका माना जा रहा है। भारतीय एजेंसियां (NCB, मुंबई पुलिस, CBI) अब उसे भारत लाकर मुकदमा चलाने की तैयारी में हैं। NDPS एक्ट के तहत सजा न्यूनतम 10 साल की है और जमानत मिलना बेहद मुश्किल।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि लाविश की पूछताछ में कुछ बॉलीवुड हस्तियों (श्रद्धा-सिद्धांत कपूर, नोरा फतेही, ओररी, अब्बास-मस्तान आदि) के नाम आए थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इसलिए चार्जशीट में इन नामों को शामिल नहीं किया जाएगा।
यह गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क की बड़ी सफलता है। सलीम डोला जैसे किंगपिन पकड़े जाने से द-कंपनी की कमर टूटने वाली है। अब देखना होगा कि प्रत्यर्पण कितनी जल्दी होता है और आगे और कितने बड़े खुलासे होते हैं। आप क्या सोचते हैं? दाऊद गैंग पर ऐसे लगातार वार कितने असरदार साबित होंगे? कमेंट में जरूर बताएं।












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