'मोदी-शाह को जेल भेजने का दबाव था', कौन हैं RVS Mani? पद्म श्री मिलते ही खोला कांग्रेस सरकार का काला चिट्ठा
RVS Mani Padma Shri: पद्म श्री सम्मान से नवाजे गए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि इन दिनों अपने बेबाक और चौंकाने वाले बयानों को लेकर चर्चा में हैं। लंबे समय तक गृह मंत्रालय में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके मणि ने दावा किया है कि उन्होंने अपने करियर में राजनीतिक दबाव के बावजूद पेशेवर ईमानदारी से समझौता नहीं किया।
पद्म श्री मिलने के बाद सामने आए उनके बयान न सिर्फ इशरत जहां केस, बल्कि तथाकथित 'भगवा आतंकवाद' और यूपीए सरकार के दौर की नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कौन हैं आरवीएस मणि और क्यों उनके दावे इतने अहम माने जा रहे हैं?

Who is RVS Mani: कौन हैं आरवीएस मणि
आरवीएस मणि भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी के रूप में लंबे समय तक काम किया। वे राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और आंतरिक मामलों से जुड़े कई संवेदनशील मामलों की फाइलें देखने वाले अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उनके पिता भी गृह मंत्रालय में अधिकारी थे और सिख आतंकवाद के दौर को नजदीक से देख चुके थे। मणि खुद को एक पेशेवर और निष्पक्ष सिविल सर्वेंट बताते हैं, जिनके लिए सरकारी सेवा में सत्य और ईमानदारी सर्वोपरि रही।
Ishrat Jahan Case: 'दबाव के बावजूद तथ्यों से समझौता नहीं किया'
आरवीएस मणि का कहना है कि इशरत जहां केस में उन्होंने जो हलफनामा साइन किया, वह खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट पर आधारित था। उनके मुताबिक, इन रिपोर्ट्स में इशरत जहां को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया गया था। मणि का दावा है कि उस समय एक खास राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश हुई और अहमदाबाद के पास हुई घटना को गलत तरीके से फर्जी एनकाउंटर बताया गया। वे कहते हैं कि उन्होंने दबाव के बावजूद तथ्यों से समझौता नहीं किया।
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RVS Mani on PM Modi: 'प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को जेल भेजने का दवाब'
आरवीएस मणि ने दावा किया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी और वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह को जेल भेजने की साजिश रची गई थी। उन्होंने उस समय के सीबीआई निदेशक के कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें काली दाढ़ी और सफेद दाढ़ी को जेल भेजने की बात कही गई थी। मणि के अनुसार, यह इशारा तत्कालीन गुजरात सरकार के शीर्ष नेतृत्व की ओर था और इसका मकसद राजनीतिक लाभ हासिल करना था।
भगवा आतंकवाद नैरेटिव और मौजूदा हालात पर राय
आरवीएस मणि ने भगवा आतंकवाद की अवधारणा को एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि मक्का मस्जिद और मालेगांव जैसे मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाया गया, जिन्हें बाद में क्लीन चिट मिली। मौजूदा हालात पर बोलते हुए मणि ने कहा कि आज नक्सलवाद, कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि वे देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार हैं।
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गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ की
पूर्व गृह मंत्रालय अधिकारी आरवीएस मणि ने आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता के समय सिख समुदाय को साजिश के तहत बदनाम किया गया। मणि के अनुसार, वर्तमान गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद और कश्मीर में हुर्रियत का प्रभाव लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर हुर्रियत को संरक्षण देने का आरोप लगाया। मणि ने पंजाब में शांति बहाली हेतु योगदान देने की इच्छा जताई है, बशर्ते राज्य सरकार सहयोग करे और खुफिया एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करें।












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