पी चिदंबरम की गिरफ्तारी ने सरकार के लिए खोला बड़ा दरवाजा, क्या अब राहुल, सोनिया, रॉबर्ट वाड्रा का नंबर?

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में जब अपना चुनावी अभियान शुरू किया था तो उस वक्त दामाद श्री नाम की सीडी पार्टी की ओर से जारी की गई थी, जिसमे पार्टी की ओर से रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चल रहे आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा गया था। वाड्रा के बाद भाजपा ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पी चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम, सहित कई कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। लेकिन पांच साल के कार्यकाल के बाद जब रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार किया।

Tough stand of Congress

Tough stand of Congress

दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव अभियान में कांग्रेस लगातार इस तर्क से अपने नेताओं का बचाव करती रही कि अगर उसके नेताओं ने कुछ गलत किया है तो आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्यों उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। कांग्रेस पार्टी ने सख्त लहजा अख्तियार करते हुए कार्ति चिदंबरम को लोकसभा चुनाव में टिकट दिया, रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चल रही जांच के बावजूद उनकी पत्नी प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव बनाया, हालाकिं रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि जबतक उनके खिलाफ चल रहे तमाम जांच खत्म नहीं हो जाती है वह सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे।

आखिरकार गिरफ्तार हुए चिदंबरम

आखिरकार गिरफ्तार हुए चिदंबरम

पिछले दो दिनों से सीबीआई और ईडी लगातार पी चिदंबरम की तलाश कर रही थी, जिसके बाद आखिरकार बुधवार रात को पी चिदंबरम को पुलिस सने बेहद नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार कर लिया। जिस तरह से हाई कोर्ट ने चिदंबरम को गिरफ्तारी से बचने के लिए अंतिम राहत देने से इनकार कर दिया, उसके बाद से चिदंबरम की मुश्किलें काफी बढ़ गई थी। सीबीआई लगातार चिदंबरम के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। यही नहीं सीबीआई ने चिदंबरम के घर पर दो घंटे के भीतर हाजिर होने का नोटिस भी लगा दिया था।

अधीर रंजन की चुनौती

अधीर रंजन की चुनौती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरुआत से ही ना खाउंगा और ना खाने दूंगा की बात करते रहे हैं। खुद पीएम मोदी ने राजस्थान में एक रैली के दौरान कहा था कि जो पहले गृह मंत्री, वित्त मंत्री रह चुके हैं, उन्होंने भी कई खेल खेले हैं, उनके बेटे को जेल भेजा था, अब उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वह लगातार कोर्ट में अग्रिम जमानत लेकर बच रहे हैं, लेकिन आखिर कबतक बचेंगे। लोकसभा में विपक्ष नेता अधीर रंजन ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर हमारे नेताओं ने कुछ गलत किया है तो आखिर क्यों राहुल गांधी, सोनिया गांधी यहां संसद में बैठे हैं, क्यों उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

बड़े नेताओं पर गिर सकती है गाज

बड़े नेताओं पर गिर सकती है गाज

से में इन तमाम बयानबाजी के बाद जिस तरह से सीबीआई ने पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया है, उसे सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। सीबीआई की इस कार्रवाई सिर्फ चिदंबरम तक सीमित करके नहीं देखना चाहिए। दरअसल इस कार्रवाई के बाद सरकार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि अब कांग्रेस के किसी भी बडे़ नेता के खिलाफ कार्रवाई से वह गुरेज नहीं करेगी। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पी चिदंबरम के बाद जांच एजेंसियां नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जमीन विवाद में रॉबर्ट वाड्रा सहित तमाम बड़े नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए सक्रियता बढ़ाएंगी और उन्हें गिरफ्तार करेंगी। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि क्या पी चिदंबरम की गिरफ्तार के बाद कांग्रेस बैकफुट पर आती है या फिर पूरी ताकत के साथ अपने नेताओं के साथ खड़ी नजर आती है।

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