कौन हैं वो मुस्लिम नेता, जिन्हें कांग्रेस ने किया बाहर? सोनिया गांधी क्यों हुई गुस्सा? अंदरूनी कहानी हिला देगी
Mohammed Moquim: कांग्रेस ने ओडिशा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मोहम्मद मोकिम को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। मोहम्मद मोकिम पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए और अनुशासन तोड़ा।
खास बात यह है कि यह कार्रवाई उस पत्र के बाद हुई, जो उन्होंने सीधे सोनिया गांधी को लिखा था। इसी पत्र को कांग्रेस नेतृत्व ने 'एंटी पार्टी एक्टिविटी' मानते हुए सख्त फैसला लिया। मोहम्मद मोकिम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र से लेकर राहुल गांधी से ना मिलने का समय देने तक बात की है। ऐसे में आइए जानते हैं पूरा विवाद क्या है और कौन हैं मोहम्मद मोकिम।

🟡 क्यों भड़का कांग्रेस हाईकमान?
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि मोहम्मद मोकिम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जा रहा है। वजह बताई गई पार्टी विरोधी गतिविधियां। मोकीम ने अपने पत्र में न सिर्फ ओडिशा कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र को लेकर भी टिप्पणी की थी। यही बात कांग्रेस हाईकमान को सबसे ज्यादा नागवार गुजरी।
रिपोर्ट के मुताबिक 83 साल के मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र को लेकर किया गया कमेंट, सोनिया गांधी को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वो ये टिप्पणी सुनकर गुस्सा हुईं और उन्होंने ने मोहम्मद मोकिम को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने का आदेश दिया है।
मोकिम का कहना था कि देश की 65 फीसदी आबादी युवा है और मौजूदा हालात में कांग्रेस को नई सोच और नए नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस को खुद को दोबारा खड़ा करने के लिए युवा नेतृत्व आगे लाना होगा, क्योंकि लगातार चुनाव हारना चिंता का विषय है।
🟡 ओडिशा कांग्रेस पर सीधे आरोप
अपने पत्र में मोहम्मद मोकिम ने ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मौजूदा अध्यक्ष भक्त चरण दास और पूर्व अध्यक्ष शरत पटनायक को पार्टी की कमजोर हालत का जिम्मेदार ठहराया। मोकिम ने 2024 विधानसभा और लोकसभा चुनावों के साथ-साथ 2025 के नुआपाड़ा उपचुनाव में खराब प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि संगठन पूरी तरह बिखर चुका है।
उनका कहना था कि जमीनी कार्यकर्ता भ्रमित हैं, हतोत्साहित हैं और उन्हें कोई दिशा नहीं मिल रही। यही वजह है कि कांग्रेस ओडिशा में लगातार चुनाव हारती जा रही है।

🟡 मोहम्मद मोकिम ने कहा-न्यूज चैनलों से मिली निष्कासन की खबर
मोहम्मद मोकिम ने कहा कि कांग्रेस ने उनसे कोई बातचीत नहीं की। उन्हें सुबह टीवी चैनलों से पता चला कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस फैसले का कोई अफसोस नहीं है और उन्होंने जो लिखा, वह पार्टी के हित में लिखा।
मोकिम ने यह भी आरोप लगाया कि ओपीसीसी अध्यक्ष ने उन्हें 'विभीषण' तक कह दिया, जो उनके मुताबिक पूरी तरह बेबुनियाद है। उनका कहना था कि आंतरिक आलोचना को गद्दारी बताना गलत परंपरा बनती जा रही है।
🟡 राहुल गांधी की भी शिकायत
मोहम्मद मोकिम ने यह भी खुलासा किया कि विधायक रहते हुए वे तीन साल तक राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कर पाए। इससे जमीनी नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि कई युवा नेता पार्टी छोड़ चुके हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर हिमंता बिस्वा सरमा तक का उदाहरण इसी विफलता को दिखाता है।
🟡 Who is Mohammed Moquim: कौन हैं मोहम्मद मोकिम?
🔹 मोहम्मद मोकीम ओडिशा के कटक जिले के लालबाग इलाके से आते हैं। उनका जन्म 3 जुलाई 1965 को हुआ। वे बाराबती-कटक सीट से विधायक रह चुके हैं और 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं। पेशे से इंजीनियर मोकीम रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन से जुड़े मेट्रो ग्रुप के मालिक हैं।
🔹 हालांकि 2024 में ओडिशा ग्रामीण आवास एवं विकास निगम के लोन फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट से सजा मिलने के बाद वे चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गए थे। अब पार्टी से निष्कासन के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
कुल मिलाकर, सोनिया गांधी को लिखा गया एक पत्र कांग्रेस के भीतर तूफान बन गया। यह मामला सिर्फ एक नेता के निष्कासन तक सीमित नहीं, बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व संकट को भी उजागर करता है।












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