BJP के खिलाफ 'वोटों का जिहाद' कराने वाली मारिया आलम खान कौन हैं? पिता थे विधायक, चाचा रह चुके हैं मंत्री
Maria Alam Khan: मारिया आलम खान ये नाम सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। मारिया आलम खान के विवादित बयान की चर्चा हर तरफ है। हो भी क्यों ना...इन्होंने लोकसभा चुनाव के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'वोट जिहाद' की एंट्री जो करा दी है।
मारिया आलम खान कौन हैं और क्या करती हैं, ये जानने से पहले, ये जान लेते हैं कि इन्होंने बयान क्या दिया है। मारिया आलम खान ने फर्रूखाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''बहुत अक्लमंदी के साथ, बहुत खामोशी के साथ, एक साथ हो कर वोटों का जिहाद करो।''

मारिया आलम आगे कहती हैं, ''एक साथ होकर वोटों का जिहाद करो क्योंकि हम सिर्फ वोटों का जिहाद कर सकते हैं और इस संघी सरकार को भगाने का काम कर सकते हैं। बहुत शर्म आती है, जब मैंने ये सुना कि कुछ मुसलमानों ने मुकेश राजपूत की मीटिंग कराई। ऐसे लोगों का समाज से हुक्का-पानी बंद कर देना चाहिए।''
मारिया आलम ने भाजपा के खिलाफ वोटों का जिहाद करने की अपील की है। इस मामले को लेकर मारिया आलम के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज की गई है।

Who is Maria Alam Khan: कौन हैं मारिया आलम खान
- मारिया आलम खान समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता हैं। वर्तमान में मारिया आलम खान फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी की जिला उपाध्यक्ष हैं। मारिया आलम खान ने राजनीति बचपन से ही अपने घर में देखी है।
- मारिया आलम खान के पिता दिवंगत इजहार आलम विधायक थे। दिवंगत इजहार आलम जिला फर्रुखाबाद के गांव पितोरा (तहसील कायमगंज) के रहने वाले थे। इजहार आलम कायमगंज विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक थे।

- मारिया आलम खान के चाचा सलमान खुर्शीद हैं। सलमान खुर्शीद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। सलमान खुर्शीद यूपीएस सरकार में विदेश मंत्री और कानून मंत्री रह चुके हैं। मुसलमानों से वोट जिहाद की अपील करने के मामले में सलमान खुर्शीद पर भी केस दर्ज हो गया है।
- मारिया आलम खान के पति सरोश उमर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस विभाग में प्रोफेसर हैं।
- मारिया आलम ने अपनी पढ़ाई दिल्ली की जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से की है। मारिया आलम ह्यूमन साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट हैं।

- राजनीति के इतर मरिया सोशल एक्टिविस्ट भी हैं। वह समाजिक कार्यों में हिस्सा लेते रहती हैं। मारिया आलम कई आंदोलनों में शामिल हुई हैं। मरिया ने जेल में बंदियों के रोजगार के लिए भी काम किया है।
- मारिया आलम दिल्ली के जामियानगर में रहती हैं। हालांकि वह अलीगढ़ भी आते रहती हैं। मारिया किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं हैं।












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