Who Is Mahesh Dixit: कौन हैं महेश दीक्षित? डॉक्टर से बने IPS अधिकारी, अब संभालेंगे खुफिया एजेंसी IB की कमान
Who Is Mahesh Dixit: देश की सुरक्षा और खुफिया तंत्र को लेकर केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। IPS महेश दीक्षित को भारत की सबसे प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया चीफ (निदेशक) नियुक्त किया गया है।
HT की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली 'कैबिनेट की नियुक्ति समिति' (ACC) ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है। महेश दीक्षित मौजूदा IB चीफ तपन डेका की जगह लेंगे, जिनका बढ़ा हुआ कार्यकाल इसी महीने 30 जून को खत्म हो रहा है।

कौन हैं महेश दीक्षित? डॉक्टर से देश के टॉप जासूस बनने तक का सफर
महेश दीक्षित का प्रोफाइल बेहद दिलचस्प और प्रभावशाली है। वे एक ऐसे अधिकारी हैं जिनके पास जमीन पर काम करने का लंबा अनुभव है। महेश दीक्षित पेशे से एक क्वालिफाइड मेडिकल डॉक्टर (MD) हैं। लेकिन देश सेवा के जज्बे के कारण उन्होंने डॉक्टरी छोड़ कानून व्यवस्था को चुना और यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास की। वे 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। IB चीफ बनने से पहले वे इसी एजेंसी में स्पेशल डायरेक्टर (Special Director) के पद पर तैनात थे, जो आईबी में महानिदेशक के बाद दूसरा सबसे बड़ा पद होता है।
कश्मीर से लेकर नॉर्थ-ईस्ट तक: चुनौतियों से निपटने का है मास्टरमाइंड
सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि महेश दीक्षित को आईबी की कमान सौंपने के पीछे उनका आतंकवाद-विरोधी अभियानों (Counter-Terrorism) और आंतरिक सुरक्षा का बेजोड़ अनुभव है।
धारा 370 के बाद कश्मीर को संभाला: महेश दीक्षित आईबी की सबसे संवेदनशील शाखा 'कश्मीर सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो' के प्रमुख रह चुके हैं। साल 2019 में जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया था, तब वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने में उन्होंने पर्दे के पीछे से बेहद अहम भूमिका निभाई थी।
नक्सल और लद्दाख डेस्क का अनुभव: उन्होंने पूर्वोत्तर (Northeast) राज्यों और लद्दाख में क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों को बहुत करीब से संभाला है। इसके अलावा वे आईबी के एंटी-नक्सल (नक्सल विरोधी) डेस्क के भी प्रभारी रह चुके हैं।
सरकार ने कितने समय के लिए नियुक्त किया? तपन डेका के बाद मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने महेश दीक्षित की नियुक्ति को मंजूरी दी है।सरकारी आदेश के मुताबिक उन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए IB का निदेशक नियुक्त किया गया है। जरूरत को देखते हुए सरकार ने उनके सेवा विस्तार को भी मंजूरी दी है ताकि वह इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाल सकें।
महेश दीक्षित ऐसे समय में IB की कमान संभालने जा रहे हैं जब देश के सामने पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और नई तकनीकों से जुड़े खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मौजूदा IB प्रमुख तपन डेका के कार्यकाल में एजेंसी ने आतंकवाद विरोधी अभियानों और खुफिया समन्वय पर विशेष फोकस किया था। अब महेश दीक्षित के नेतृत्व में एजेंसी की आगे की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।
क्या काम करती है इंटेलिजेंस ब्यूरो?
आसान भाषा में कहें तो इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भारत की वो अदृश्य ढाल है जो देश के भीतर होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB भारत की प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी है। इसका काम देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नजर रखना, आतंकवादी गतिविधियों की जानकारी जुटाना, सुरक्षा खतरों का आकलन करना और केंद्र व राज्य सरकारों को जरूरी इनपुट देना होता है।
IB देश में आतंकवाद, अलगाववाद, जासूसी गतिविधियों और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम करती है। देश की सबसे महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसियों में से एक की कमान संभालने जा रहे महेश दीक्षित का अनुभव और उनका अनोखा सफर उन्हें भारतीय सुरक्षा तंत्र के सबसे चर्चित अधिकारियों में शामिल करता है।














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