IPS Vijay Sakhare कौन हैं? Delhi Bomb Blast केस का करेंगे पर्दाफाश! NIA की स्पेशल-10 टीम की संभालेंगे कमान
Who Is IPS Vijay Sakhare: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार बम विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस हमले में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठनों का हाथ नजर आ रहा है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने इसे आतंकी घटना से परेह बताया है।
गृह मंत्रालय ने इस संवेदनशील केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। NIA ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक 10-सदस्यीय स्पेशल जांच टीम (SIT) का गठन किया, जिसकी कमान संभाली है केरल कैडर के 1996 बैच के IPS अधिकारी विजय सखारे ने। अपने काउंटर-टेरर अनुभव के दम पर सखारे इस केस के राज खोलने को तैयार हैं। आइए, जानते हैं विजय सखारे की पूरी प्रोफाइल और दिल्ली ब्लास्ट की विस्तृत जांच पर नजर डालें...

Who Is IPS Vijay Sakhare: कौन हैं ये 'टेरर हंटर' IPS अधिकारी?
विजय सखारे (Vijay Sakhare) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें काउंटर-टेररिज्म और हाई-प्रोफाइल केसों की जांच के लिए जाना जाता है। वे 1996 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं और वर्तमान में NIA में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के पद पर तैनात हैं। सखारे को 2022 में केरल से केंद्र की डेपुटेशन पर NIA में IG के रूप में शामिल किया गया था, जो 5 वर्ष की अवधि के लिए था। हाल ही में उन्हें ADG रैंक पर एम्पैनल किया गया।
- शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन: सखारे ने अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री हासिल की है। वे एक उत्कृष्ट टेनिस प्लेयर हैं और क्रिकेट के शौकीन भी। उनकी सादगी और फिटनेस को केरल पुलिस में सराहा जाता है।
IPS Vijay Sakhare Career Highlights:
- केरल पुलिस में शुरुआत: IPS बनने के बाद सखारे ने केरल में कई महत्वपूर्ण पद संभाले। वे कोच्चि शहर के पुलिस कमिश्नर रहे, जहां उन्होंने अपराध शाखा का नेतृत्व किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका सराहनीय रही।
- शीर्ष पद: 2022 से पहले वे केरल के ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) थे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के फेवरेट अफसर माने जाते थे। उन्होंने अपराध, हत्याओं और कई हाई-प्रोफाइल केसों की जांच लीड की।
- केंद्र में डेपुटेशन: 2022 में NIA में IG बने। इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) या CBI में पोस्टिंग की इच्छा जताई थी। 2010 के आसपास वे सोशल जस्टिस मिनिस्टर विजय सम्पला के प्राइवेट सेक्रेटरी भी रहे, जिसकी टेन्योर बढ़ाई गई।
- विवाद: 2022 में गोल्ड स्मगलिंग केस में आरोपी स्वप्ना सुरेश ने उन पर आरोप लगाए थे, लेकिन सखारे ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया।
सखारे की अगुवाई में NIA ने कई आतंकी मॉड्यूल्स को नेस्तनाबूद किया है। उनकी रणनीतिक सोच और टीम वर्क की वजह से उन्हें 'टेरर हंटर' कहा जाता है।
Who 10-member In NIA Special Team: NIA की स्पेशल 10-सदस्यीय टीम में कौन-कौन?
NIA ने ब्लास्ट के तुरंत बाद 10 सदस्यीय SIT गठित की, जिसका नेतृत्व विजय सखारे कर रहे हैं। टीम में शामिल हैं:-
- 1 IG (पुलिस महानिरीक्षक)
- 2 DIG (उप महानिरीक्षक)
- 3 SP (पुलिस अधीक्षक)
- 4 DSP (उप पुलिस अधीक्षक)
यह टीम एक 'टाइम-बाउंड और एग्जॉस्टिव' जांच करेगी। गृह मंत्री अमित शाह की समीक्षा के बाद 11 नवंबर को केस NIA को ट्रांसफर हुआ। NIA DG और IB चीफ के बीच हाई-लेवल मीटिंग हो चुकी है।
Delhi Bomb Blast Focus Area: दिल्ली ब्लास्ट केस में क्या होगा फोकस?
- फोरेंसिक और टेक्निकल एनालिसिस: ब्लास्ट साइट से फोरेंसिक सैंपल कलेक्ट किए जा रहे। IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) अधूरा था, इसलिए क्रेटर नहीं बना और शरैपनेल्स नहीं मिले। 1,000 से अधिक CCTV फुटेज स्कैन हो रहे।
- संदिग्धों का नेटवर्क: जैश मॉड्यूल से जुड़े केस फाइल्स जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और हरियाणा पुलिस से लिए जा रहे। वित्तीय ट्रेल और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर का आकलन होगा।
- डिजिटल ट्रैकिंग: सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, मोबाइल फोन डंप डेटा (रेड फोर्ट एरिया के सभी एक्टिव फोन्स का) और कम्युनिकेशन लिंक्स का विश्लेषण। उमर नबी ने अटैक से 3 दिन पहले फोन स्विच ऑफ किया था।
- मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: NIA, दिल्ली स्पेशल सेल, NSG, CRPF और ATS मिलकर काम करेंगे। कानपुर से 9 संदिग्ध हिरासत में, जबकि जेकेए में 20 पूछताछ में।
Delhi Bomb Blast News Update: क्या हुआ था उस शाम?
10 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:52 बजे दिल्ली के पुराने शहर में हादसा हुआ। लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार सड़क पर रुकी ही थी कि अचानक जोरदार धमाका हो गया। आंखों देखा बताते हैं कि विस्फोट इतना तेज था कि आसपास की कारें और वाहन चकनाचूर हो गए, सड़क पर शव और शवांश बिखर गए। विस्फोट स्थल पर खून और मलबा बिखरा पड़ा था, जबकि आसपास के दुकानदार और राहगीर दहशत में भागे।
- मौतें और घायल: आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 10 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर स्थानीय निवासी थे। मरने वालों में एक दुकानदार लोकेश अग्रवाल (उत्तर प्रदेश से), बस कंडक्टर अशोक कुमार, टैक्सी ड्राइवर पंकज साहनी (22 वर्ष), व्यापारी अमर कटारिया (34 वर्ष) और ई-रिक्शा चालक मोहसिन (मेरठ से) शामिल हैं। 20 से अधिक लोग घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
- कार का मालिक: कार हरियाणा रजिस्टर्ड थी। मालिक को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। जांच में पता चला कि कार को किराए पर लिया गया था।
- प्रमुख संदिग्ध: मुख्य आरोपी उमर नबी (पुलवामा, जम्मू-कश्मीर से) एक डॉक्टर था, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहा था। वह मार्च 2024 में कश्मीर से दिल्ली आया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह एक 'फिदायीन' (सुसाइड बॉम्बिंग) अटैक था, लेकिन धमाका 'अकस्मात' हो गया। उमर ने 1 नवंबर को मयूर विहार में रेकी की थी और जनवरी में 26 जनवरी या दिवाली पर बड़ा अटैक प्लान कर रहा था।
- आतंकी कनेक्शन: ब्लास्ट से कुछ घंटे पहले फरीदाबाद से 2,900 किलो विस्फोटक (जिसमें 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट शामिल) बरामद हुए थे। यह जम्मू-कश्मीर पुलिस की रेड्स का नतीजा था, जिसमें डॉक्टर आदिल राथर को गिरफ्तार किया गया। संदिग्ध मुजम्मिल शकील ने फरीदाबाद में एक कमरा किराए पर लिया था, जहां से विस्फोटक मिले। जेकेए (जम्मू-कश्मीर) से एक महिला डॉक्टर शाहीं सईद (40 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया। कुल 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 20 अन्य पूछताछ में हैं।
देशव्यापी अलर्ट: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- मुंबई, यूपी, केरल: हाई अलर्ट, धार्मिक स्थलों और बॉर्डर पर सिक्योरिटी बढ़ाई।
- मेट्रो बंद: लाल किला मेट्रो स्टेशन 12 नवंबर को बंद रहा। DMRC ने सिक्योरिटी कारण बताए।
- पीएम का संदेश: 'आतंकवाद का साया फिर से मंडराने न पाए, हमें सतर्क रहना होगा।'
विजय सखारे की लीडरशिप में NIA जल्द ही इस केस के पीछे के मास्टरमाइंड को बेनकाब कर सकती है। देशवासी शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और दोषियों को सजा की मांग कर रहे। अपडेट्स के लिए बने रहें...
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