मिलिए फ्लाइंग ऑफिसर मनीषा से, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित, दादा सूबेदार मेजर तो पिता अफसर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फ्लाइंग ऑफिसर मनीषा यादव को फील्ड ड्यूटी में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। मनीषा यादव ने सेना में जाने की प्रेरणा अपने दादा से ली। कठिन परिश्रम के बाद मनीषा यादव को सम्मान मिला।
हैदराबाद के पास डुंडीगुल में वायुसेना एकेडमी (एएफए) में 211वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (सीजीपी) की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को समीक्षा की। इस दौरान फ्लाइंग ऑफिसर मनीषा यादव को फील्ड ड्यूटी के हर कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।
अवार्ड से सम्मानित होने के बाद मनीषा यादव ने कहा कि मैं भारतीय वायु सेना का हिस्सा बनकर और राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त करके बहुत खुश हूं। इस दौरान मनीषा के पिता रविंद्र यादव और मां भी मौजूद रहे। आइए आपको मिलवाते हैं फ्लाइंग ऑफिसर मनीषा से...

दादा सूबेदार मेजर तो पिता सरकारी अकाउंट
हरियाणा के झज्जर के छुछकवास गांव निवासी मनीषा यादव का एक साल पहले इंडियन एयरफोर्स में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर सिलेक्शन हुआ था। सशस्त्र सीमा बल(एसएसबी) की ओर से 5 दिन तक मनोविज्ञान, ग्राउंड टास्क और इंटरव्यू के बाद मनीषा का चयन हुआ था। इनके पिता रविंद्र यादव राजस्व विभाग में बतौर अकाउंट ऑफिसर पंचकूला में कार्यरत हैं। वहीं, दादा रामकरण यादव सूबेदार मेजर थे। मनीषा को सेना में जाने की प्रेरणा दादा से ही मिली।
बीटेक व एमटेक में हासिल किया गोल्ड मेडल
भगत फूल सिंह महिला यूनिवर्सिटी खानपुर कलां से मनीषा ने बीटेक व एमटेक किया है। यूजी और पीजी दोनों ही कोर्स में मनीषा ने टॉप किया। गोल्ड मेडल हासिल कर यूनिवर्सिटी का मान बढाया। पिछले साल 11 जुलाई को मनीषा को हैदराबाद स्थित सेंटर पर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था।
दादा का सपना किया साकार
मनीषा के दादा सूबेदार मेजर रामकरण यादव का सपना था कि पोती देश की सेवा करे। सेना में बड़े पद पर गांव और परिवार का नाम रौशन करे। वहीं, मनीषा को राष्ट्रपति से पुरस्कृत होने के बाद मनीषा के घर व गांव में खुशी की लहर है।












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