Who was Pablo Escobar: कौन था पाब्लो एस्कोबार? $25 बिलियन की बनाई संपत्ति, आंध्रा में अब क्यों गूंज रहा नाम?
Who was Pablo Escobar: ड्रग्स की दुनिया का बेताज बादशाह 'पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गैविरिया' का नाम सुनते ही ड्रग माफियाओं में तहलका मच जाता है। 1 दिसंबर 1949 को कोलंबिया में जन्मे पाब्लो एस्कोबार ने अपनी काबिलियत, क्रूरता और चालाकी से इतिहास के सबसे कुख्यात ड्रग लॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज किया है।
पाब्लो को मरे 31 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी ड्रग्स माफियाओं में टॉप पर उसका ही नाम आता है। हाल ही में आंध्रा में पाब्लो का नाम गूंजा है। आइए जानते हैं कौन था पाब्लो एस्कोबार? कैसे बन गया था ड्रग्स की दुनिया का अजेय सम्राट?

पाब्लो का जन्म एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता आबेल डी जीसस एस्कोबार एक किसान थे और मां हेमिल्दा गैविरिया प्राथमिक स्कूल शिक्षिका थीं। बचपन से ही पाब्लो में महत्वाकांक्षा की कमी नहीं थी। उसने छोटी उम्र में ही छोटे-मोटे अपराधों में कदम रखा, जैसे कि नकली डिप्लोमा बनाना और सिगरेट की तस्करी करना। एस्कोबार ने कारें भी चुराई थी, जिसके कारण 1974 में उसकी पहली गिरफ्तारी हुई थी।
ड्रग माफिया की दुनिया में प्रवेश
1970 के दशक की शुरुआत में, पाब्लो ने कोकीन स्मगलिंग की दुनिया में कदम रखा। हालांकि, उस समय कोकीन का व्यापार उतना बड़ा नहीं था, लेकिन पाब्लो ने इसमें अवसर देखा। उन्होंने मेडेलिन कार्टेल की स्थापना की, जो जल्द ही कोकीन के सबसे बड़े सप्लायरों में से एक बन गया। पाब्लो की चालाकी, कूटनीति और निर्दयता ने उसे जल्दी ही ड्रग माफिया की दुनिया का अजेय सम्राट बना दिया। 1980 के दशक तक, पाब्लो एस्कोबार का कार्टेल अमेरिका में 80 फीसदी कोकीन की सप्लाई करता था। उनकी संपत्ति इतनी बढ़ गई थी कि वे फोर्ब्स मैगजीन की दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों की सूची में शामिल हो गया।
राजनीति में रखा कदम, माफिया की छवि ने नहीं दिया टिकने
1982 में, पाब्लो ने कोलंबिया की संसद के लिए चुनाव लड़ा और जीता भी। उसने अपने आपको एक सफल और परोपकारी व्यवसायी के रूप में पेश करने की कोशिश की। पाब्लो अपराध की दुनिया में नाम कमाने के साथ-साथ गरीबों का मददगार बना रहा। उसने गरीबों के लिए घर बनवाए, और लोगों की जरूरतों पर ध्यान दिया। देखते ही देखते गरीबों के बीच उसकी छवि मसीहा के रूप में बन गई। लेकिन, उसके ड्रग व्यापार से जुड़े होने की वजह से वो ज्यादा समय तक राजनीति में टिक नहीं पाया।
आतंक और खौफ का साम्राज्य
पाब्लो एस्कोबार का साम्राज्य सिर्फ ड्रग तस्करी तक ही सीमित नहीं था। उन्होंने अपने दुश्मनों और सरकार के खिलाफ आतंक का भी सहारा लिया। उन्होंने न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों, पत्रकारों और राजनेताओं की हत्या करवाई। उनके आतंक के कारण कोलंबिया में 'प्लाटा ओ प्लोमो' का मंत्र (चांदी या सीसा) प्रचलित हो गया था, जिसका मतलब था कि पैसे स्वीकार करो या गोलियों का सामना करो।
15 साल की लड़की से की शादी, दो बच्चे हुए
मार्च 1976 में, 26 साल की उम्र में पाब्लो ने मारिया विक्टोरिया से शादी की। इस वक्त विक्टोरिया 15 साल की थी। उनके दो बच्चे हुए। 24 फरवरी 1977 में बेटा जुआन पाब्लो एस्कोबार हेनाओ (सेबेस्टियन मार्रोक्विन के नाम से प्रख्यात) और फिर बेटी मैनुएला हुई।
जन्मदिन के दूसरे दिन मिली गोली
ब्रिटानिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1 दिसंबर, 1993 को एस्कोबार ने अपना 44वां जन्मदिन मनाया, कथित तौर पर केक, वाइन का आनंद लिया। अगले दिन कोलंबिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर मेडेलिन में उसके ठिकाने का कोलंबियाई सेना को पता चला। सेना ने पाब्लो के ठिकाने पर धावा बोला। खुद को बचाने के चक्कर में पाब्लो अपने अंगरक्षक के साथ इमारत की छत पर पहुंचने में कामयाब हो गया। गोलीबारी के बीच पाब्लो को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। हालांकि, कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि उसने खुद अपनी जान ले ली। उसकी मौत के तुरंत बाद, मेडेलिन कार्टेल का पतन हो गया।
नाम बदलकर जी रहा बेटा और पत्नी
1993 में पाब्लो एस्कोबार की मौत के बाद, उसकी पत्नी मारिया और बेटे जुआन पाब्लो (नई पहचान सेबस्टियन मारोक्विन) और बेटी मनुएला अब भी जीवित हैं। उन्होंने अपने नाम बदलकर अर्जेंटीना में नई जिंदगी शुरू की है। सेबस्टियन मारोक्विन ने अपने पिता के जीवन पर कई किताबें भी लिखी हैं और वे अब एक लेखक और वास्तुकार हैं।
आंध्रा में अब क्यों गूंज रहा है नाम?
दरअसल, बीते दिन यानी 25 जुलाई को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कुख्यात कोलंबियाई ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार को याद किया था। जब नायडू ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और एस्कोबार के बीच तीखी तुलना की थी। नायडू ने कहा कि जगन के कार्यकाल में आंध्र प्रदेश भारत की 'गांजा राजधानी' बन गया है।
आंध्र प्रदेश विधानसभा में श्वेत पत्र पेश करते हुए नायडू ने कहा कि मैं देश का सबसे वरिष्ठ राजनेता हूं और मैंने कभी भी ऐसी स्थिति नहीं देखी, जैसी आंध्र में जगन के सत्ता में रहने के दौरान थी। केवल एक ही व्यक्ति है जो आंध्र में जो हुआ, उसकी तुलना कर सकता है, वह है ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार।












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