Bengal Assembly Ruckus: कौन हैं BJP के नेता? जिन्हें बंगाल विधानसभा में ममता के मार्शलों ने घसीटा, 5 सस्पेंड
Bengal Assembly BJP Leaders Dragged Out: पश्चिम बंगाल विधानसभा में 4 सितंबर 2025 को हंगामा उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब BJP के चीफ व्हिप शंकर घोष को मार्शलों ने घसीटकर सदन से बाहर निकाला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाषण के दौरान बंगाली प्रवासियों पर अत्याचार के मुद्दे पर चर्चा के बीच BJP विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के 2 सितंबर को निलंबन का विरोध करते हुए BJP ने सदन में हंगामा मचाया। स्पीकर बिमान बनर्जी ने अव्यवस्था का हवाला देकर शंकर घोष सहित पांच BJP विधायकों-अग्निमित्र पॉल, मिहिर गोस्वामी, बंकिम घोष, और अशोक डिंडा-को पूरे दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। लेकिन जब घोष ने सदन छोड़ने से इनकार किया, तो मार्शलों ने उन्हें जबरन घसीटकर बाहर निकाला। इस दौरान घोष बेहोश हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

ममता ने BJP पर'बंगाली विरोधी' और'वोट चोर' होने का आरोप लगाया, जबकि BJP ने इसे'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। आइए, जानते हैं कि शंकर घोष कौन हैं और बंगाल की सियासत में क्या हो रहा है...
Who Is Sankar Ghosh: शंकर घोष कौन हैं?
शंकर घोषपश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP के चीफ व्हिप हैं और सिलीगुड़ी से विधायक। वे बंगाल BJP की सियासी रणनीति के अहम खिलाड़ी हैं, जो ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कड़ी टक्कर देने में जुटे हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में सिलीगुड़ी से जीतकर उन्होंने TMC के गढ़ में सेंध लगाई। घोष BJP के उन नेताओं में हैं, जो हिंदू वोटों को एकजुट करने की रणनीति पर काम करते हैं। वे सुवेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते हैं और बंगाल में BJP की आक्रामक सियासत का चेहरा हैं। लेकिन 4 सितंबर की घटना ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया, जब मार्शलों ने उन्हें घसीटकर बाहर निकाला और उनकी हालत बिगड़ गई।
Sankar Ghosh Net Worth: कितने अमीर हैं शंकर घोष?
Association for Democratic Reforms (ADR)के मुताबिक:-
- संपत्ति: शंकर घोष की कुल संपत्ति ₹1 करोड़है, जिसमें ₹28 लाख की देनदारियां शामिल हैं।
- आपराधिक रिकॉर्ड: उनके खिलाफ 2 आपराधिक मामलेदर्ज हैं।
- पारिवारिक स्थिति: उनकी पत्नी बिजन कुमार घोष का निधन हो चुका है।
विधानसभा में हंगामा: क्या हुआ 4 सितंबर को?
पश्चिम बंगाल विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र(1-4 सितंबर 2025) बंगाली प्रवासियों पर कथित अत्याचारों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। लेकिन 4 सितंबरको आखिरी दिन सत्र सियासी जंग का मैदान बन गया।
- ममता का भाषण और BJP का हंगामा: मुख्यमंत्री ममता बनर्जीबंगाली प्रवासियों के मुद्दे पर बोलने वाली थीं। उन्होंने BJP पर'बंगाली विरोधी' और'वोट चोर' होने का आरोप लगाया। तभी BJP विधायकों ने सुवेंदु अधिकारीके 2 सितंबर को निलंबन पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
- शंकर घोष का विद्रोह: BJP चीफ व्हिप शंकर घोषने स्पीकर बिमान बनर्जी से सुवेंदु के निलंबन का कारण पूछा। जब स्पीकर ने जवाब देने से इनकार किया, तो घोष और अन्य BJP विधायक वेल ऑफ द हाउसमें पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी की।
- सस्पेंशन और मार्शलों की कार्रवाई: स्पीकर ने अव्यवस्था का हवाला देकर घोष को पूरे दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। जब घोष ने सदन छोड़ने से मना किया, तो मार्शलोंने उन्हें जबरन घसीटकर बाहर निकाला। इस दौरान घोष बेहोशहो गए, और अस्पतालले जाया गया।
- चार और विधायक सस्पेंड: BJP की अग्निमित्र पॉल(फैशन डिजाइनर-नेता), मिहिर गोस्वामी, बंकिम घोष, और अशोक डिंडा(पूर्व क्रिकेटर) को भी नारेबाजी के लिए सस्पेंड किया गया। अग्निमित्र को महिला मार्शलोंने बाहर निकाला।
क्यों हुआ हंगामा? सियासी जंग का पर्दाफाश
- सुवेंदु का निलंबन: 2 सितंबर को सुवेंदु अधिकारी को शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसुके खिलाफ नारेबाजी के लिए सस्पेंड किया गया था। बसु ने सेना पर टिप्पणी की थी, जिसे BJP ने आपत्तिजनक बताया।
- बंगाली प्रवासी मुद्दा: ममता ने BJP शासित राज्यों में बंगाली प्रवासियों पर'अत्याचार' का मुद्दा उठाया। उन्होंने BJP को'बंगाली विरोधी' और'हिंदू विरोधी' करार दिया।
- BJP का आरोप: BJP ने कहा कि ममता ने जानबूझकर चर्चा को दबाने के लिए उनके विधायकों को सस्पेंड किया। सुवेंदु ने दावा किया कि TMC के'गुंडों' ने मार्शल बनकर हमला किया।
2026 का सियासी खेल: BJP vs TMC
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनावकी आहट सुनाई दे रही है। BJP ने 2021 में पहली बार बंगाल में विपक्षी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन TMC का दबदबा तोड़ना आसान नहीं।
- BJP की रणनीति: 70% हिंदू आबादी को साधने की कोशिश। 2021 में BJP को 50% हिंदू और 7% मुस्लिम वोट मिले, जबकि TMC को 39% हिंदू और 75% मुस्लिम वोट। BJP अब हिंदू एकजुटता पर जोर दे रही है।
- TMC का जवाब: ममता ने रामनवमी रैलियां निकालकर'हिंदू विरोधी' इमेज को तोड़ने की कोशिश की। लेकिन BJP का दावा है कि TMC मुस्लिम वोटों पर निर्भर है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का ये हंगामा 2026 के चुनावों की जंग का ट्रेलर है। शंकर घोषऔर BJP विधायकों का सस्पेंशन, ममता का'वोट चोर' तंज, और मार्शलों की बर्बरता ने बंगाल की सियासत में आग लगा दी। क्या BJP इस घटना को ममता के खिलाफ हथियार बनाएगी, या TMC का गढ़ अटूट रहेगा?
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