कौन हैं बेंगलुरु की CEO अनुराधा तिवारी? जिनके 'ब्राह्मण जीन' वाले पोस्ट पर मचा बवाल, आखिर क्या कहा ऐसा?

Anuradha Tiwari: बेंगलुरु की एक सीईओ अनुराधा तिवारी के ''ब्राह्मण जीन'' वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर बयान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अनुराधा तिवारी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर नारियल पानी पीते हुए अपनी ट्राइसेप्स को फ्लेक्स करते हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा ''ब्राह्मण जीन'' और ये पोस्ट वायरल हो गया।

यह तस्वीर जल्द ही एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 6.1 मिलियन से अधिक बार देखी गई और वायरल हो गई। जहां कई लोगों ने अनुराधा की बातों का समर्थन किया, वहीं अन्य ने उन पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। आपत्ति जताने वालों को अनुराधा ने एक के बाद एक कई जवाब भी दिए हैं। अनुराधा तिवारी की पोस्ट को लेकर विवाद के कारण हैशटैग "BrahminGenes" ऑनलाइन ट्रेंड करने लगा।

Anuradha Tiwari

अनुराधा तिवारी बोलीं- 'ब्राह्मण' शब्द... असली जातिवादी कौन हैं?

अनुराधा तिवारी ने आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए लिखा, ''जैसा कि अपेक्षित था, सिर्फ 'ब्राह्मण' शब्द के जिक्र ने कई हीन प्राणियों को प्रेरित किया। असली जातिवादी कौन हैं, इसके बारे में बहुत कुछ बताता है। अपर क्लास को सिस्टम से कुछ नहीं मिलता - कोई आरक्षण नहीं, कोई मुफ्त सुविधाएं नहीं। हम सब कुछ अपने दम पर कमाते हैं और हमें अपने वंश पर गर्व करने का पूरा अधिकार है। तो इससे निपटें।''

उन्होंने आगे लिखा, ''जब दलित होने पर गर्व, मुसलमान और आदिवासी होने पर गर्व, पर ब्राह्मण पर क्यों नहीं? ब्राह्मणों को उनके अस्तित्व के लिए दोषी महसूस कराने के लिए पूरा एक इकोसिस्टम काम कर रहा है। लेकिन अब इस नैरेटिव को बदलने का वक्त आ गया है।''

अनुराधा तिवारी बोलीं- आज ब्राह्मण अपना पूरा नाम बताने से डरते हैं

अनुराधा तिवारी ने अपने हालिया पोस्ट में लिखा,

''आज ब्राह्मण अपना पूरा नाम बताने से डरते हैं। हमारे खिलाफ इतनी नफरत फैलाई गई है। सामाजिक न्याय कार्यकर्ताओं और राजनेताओं ने हमें खलनायक बना दिया है। हम किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। हमें सरकार से कोई मदद नहीं मिलती। हम कड़ी मेहनत करते हैं। हमें अपनी जाति पर शर्म क्यों आनी चाहिए?''

अनुराधा तिवारी ने पूछा- क्या ब्राह्मण भारत के नए यहूदी हैं?

अनुराधा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "क्या ब्राह्मण भारत के नए यहूदी हैं? ब्राह्मणों को उत्पीड़क के रूप में गलत तरीके से पेश करना खतरनाक रूप से सामान्य हो रहा है। हम गर्व से नहीं कह सकते कि हम कौन हैं। इस एजेंडे को फैलाने वालों को मेरा संदेश, मैं अनुराधा तिवारी हूं, गर्व से कहती हूं कि ब्राह्मण हूं और उत्पीड़क नहीं। इस नफरत को अभी खत्म करो #BrahminGenes।''

who is Anuradha Tiwari? कौन हैं अनुराधा तिवारी?

🔴 अनुराधा तिवारी बेंगलुरु की एक एंटरप्रेन्योर हैं। अनुराधा जस्टबर्स्टआउट कंटेंट राइटिंग एजेंसी की फाउंडर हैं।

🔴 अनुराधा तिवारी का जन्म लखनऊ में हुआ है। उनकी स्कूलिंग भी लखनऊ से हुई। बाद में वह दिल्ली शिफ्ट हुईं और अब बेंगलुरु में कंपनी की सीईओ हैं।

🔴 अनुराधा तिवारी खुद को एक TEDx स्पीकर भी कहती है। अनुराधा तिवारी को इंडिया टुडे ने 2014 में भारत के आठ अद्वितीय उद्यमियों में से एक के रूप में मान्यता दी थी।

🔴 अनुराधा ने अपोलो अस्पताल, रेनबो अस्पताल, नारायण हेल्थ, एमिटी यूनिवर्सिटी, केयर हॉस्पिटल्स, अपग्रेड, नॉलेजहट और वेदांतु सहित 100 से अधिक वैश्विक कंपनियों को उनकी डिजिटल उपस्थिति और उपयोगकर्ता को बढ़ाने में मदद की है।

🔴 अनुराधा को 2015 के 10 सबसे चर्चित TEDx स्पीकर्स" में से एक के रूप में भी लिस्टेड किया गया था।

🔴 अनुराधा तिवारी के Quora पर एक लाख से ज्यादा और एक्स पर लगभग 60,000 फॉलोअर्स हैं।

🔴 अनुराधा तिवारी ने एंटरप्रेन्योर से पहले मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया था।

🔴 अनुराधा ने शुरुआत में TORQUIES की शुरुआत की, जो JEE के उम्मीदवारों के लिए एक कोचिंग संस्थान है। ये उनके लिए था जो ज्यादा फीस नहीं दे सकते हैं।

🔴 बाद में अनुराधा तिवारी ने NGO एम्पावरिंग इंडियन वुमेन (EIW) की स्थापना की, जो महिलाओं को बुनियादी शिक्षा प्रदान करता है।

🔴 अनुराधा तिवारी वॉटर बर्न्स की लेखिका भी हैं।

चेतन भगत बोले- #BrahminGenes ट्रें हिंदू वोट को विभाजित कर रहा है

अनुराधा तिवारी की पोस्ट पर लेखक चेतन भगत ने भी इस पर अपनी राय दी और कहा कि जाति के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना राजनीति से प्रेरित हो सकता है। चेतन भगत ने कहा, ''जितना ज्यादा जाति को उठाया जाता है, उतना ही ज्यादा हिंदू वोट बिखरता है। विपक्ष ने इसे समझ लिया है और वह यही खेल खेल रहा है। और हां, #BrahminGenes ट्रेंड भी हिंदू वोट को विभाजित कर रहा है। पता नहीं लोगों को इसका एहसास है या नहीं।''

अनुराधा तिवारी ने चेतन भगत की पोस्ट को कोट करते हुए लिखा, ''क्या ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत हिंदुओं को एकजुट कर रही है? क्या आरक्षण हिंदुओं को एकजुट कर रहा है? क्या जाति जनगणना हिंदुओं को एकजुट कर रही है? लेकिन जब ब्राह्मण खुद के लिए खड़े होने का फैसला करते हैं, तो अचानक हिंदू एकता खतरे में पड़ जाती है।''

आरक्षण के खिलाफ भी आवाज उठा चुकी हैं अनुराधा तिवारी

2022 में एक्स पर एक पोस्ट में अनुराधा तिवारी ने लिखा था, ''मैं एक जनरल कैटेगरी की छात्र हूं। मेरे पूर्वजों ने मुझे 0.00 एकड़ जमीन दी है। मैं किराए के घर में रहती हूं। मुझे 95% नंबर आने के बावजूद प्रवेश नहीं मिल सका, लेकिन मेरे सहपाठी जिसने 60% अंक प्राप्त किए और जो एक संपन्न परिवार से है, उसे प्रवेश मिल गया। और आप मुझसे पूछते हैं कि मुझे आरक्षण से समस्या क्यों है?"

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