कौन हैं गाय-भैंस चराने वाली 25 वर्षीय बरेलक्का, तेलंगाना के इस सीट से जीत सकती है चुनाव, अकाउंट में सिर्फ 1500
Telangana Election 2023 Who is Karne Sirisha aka Barrelakka: तेलंगाना विधानसभा चुनाव-2023 के नतीजे 03 दिसंबर को आने वाले हैं। नतीजों से पहले तेलंगाना विधानसभा चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रहीं 25 वर्षीय महिला कर्ण सिरिशा उर्फ बरेलक्का सुर्खियों में हैं। बी.कॉम ग्रेजुएट कर्ण शिरीशा, सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर बरेलक्का नाम से मशहूर हैं। बरेलक्का नागरकर्नूल जिले के कोल्लापुर निर्वाचन क्षेत्र (Kollapur constituency) से विधायक के लिए चुनाव लड़ रही हैं।
कोल्लापुर विधानसभा सीट के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए बरेलक्का ने अपनी यात्रा और कड़ी चुनौतियों के बीच बदलाव लाने की प्रतिबद्धता जनता को दिखाई है। बरेलक्का एक बेरोजगार महिला हैं और उन्होंने बेरोजगारी से ऊब कर चुनाव लड़ने का फैसला किया। बरेलक्का मवेशियों यानी गाय-भैंस को चराती हैं और दूध बेचने का काम करती हैं, उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कई ऐसे वीडियो भी शेयर किए हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं ने उन्हें पूरा समर्थन दिया होगा।

Who is Barrelakka आइए जानें कौन हैं कर्ण शिरीशा उर्फ बरेलक्का
बरेलक्का की कहानी प्रतिकूल परिस्थितियों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। बरेलक्का का जन्म तेलंगाना के एक गरीब परिवार में हुआ है। उनका अपना घर भी पक्का नहीं था, उनका घर छप्पर वाली छत का है। बरेलक्का के परिवार में दो भाई और मां हैं। बरेलक्का की मां परिवार के गुजारे के लिए एक छोटा फास्ट-फूड सेंटर चलाती हैं।
अपने वित्तीय संघर्षों और अपनी परिस्थितियों से विचलित हुए बिना बरेलक्का अपने परिवार की पहली सदस्य हैं, जो बी.कॉम से ग्रेजुएट हैं। बरेलक्का ग्रेजुएशन के बाद सरकारी नौकरी करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने हैदराबाद में लगभग तीन साल कोचिंग की। इस दौरान उन्हें कई वित्तीय संघर्षों का सामना करना पड़ा। उन्हें हॉस्टल में रहने और 25,000 रुपये की कोचिंग फीस देने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
चार भैंसों को खरीद, दूध बेचने का काम बरेलक्का ने किया शुरू
हालांकि, कथित पेपर लीक और प्रशासनिक मुद्दों के कारण सरकारी नौकरी वाली परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इन दिक्कतों और ग्रेजुएट होने के बावजूद भी बरेलक्का के पास नौकरी नहीं मिली। वो हार थक-कर अपने घर लौट आई। उसके बाद उन्होंने मां की सलाह पर दूध बेचने के का काम शुरू किया और चार भैंसों में निवेश किया।
बेरोजगारी के वीडियो को लेकर फेमस हुई थी बरेलक्का
बरेलक्का अपने एक बेरोजगारी के वीडियो को लेकर मशहूर हुई थीं। लगभग पांच महीने पहले पोस्ट किए गए बरेलक्का ने यूट्यूब वीडियो में बेरोजगारी की गंभीर स्थिति को दिखाया था। इस वीडियो में सरकारी नौकरियों को हासिल करने में डिग्री की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया था। इसके चलते उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 505(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था और फैसला फिलहाल लंबित है।
बरेलक्का ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया फैसला!
बरेलक्का ने बेरोजगारी के मुद्दे पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। जिसके बाद बरेलक्का को तेजी से लोकप्रियता मिली और बेरोजगार युवाओं और शिक्षित समुदाय से अपार जन समर्थन मिला।
नामांकन तक बरेलक्का का रास्ता चुनौतियों से भरा था। उनके भाई पर कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों द्वारा हमला किया गया था। अलग-अलग पार्टियों ने उन्हें पीछे हटने के लिए मनाने की कोशिश भी की थी। यहां तक की पैसा भी उनको ऑफर किया गया था। हालांकि वह अपने फैसले पर टिकी रही।
बरेलक्का का चुनाव अभियान बेरोजगारों पर केंद्रित है। स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के उनके फैसले ने पारंपरिक राजनीतिक दलों से निराश मतदाताओं को प्रभावित किया है। बरेलक्का ने चुनावी वादों में रोजगार, प्रशिक्षण संस्थान, उद्योग स्थापना, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है।
बैंक अकाउंट में सिर्फ 1500 रुपये हैं बरेलक्का के
बरेलक्का के चुनावी हलफनामे से पता चला है कि उनकी वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बरेलक्का के हाथ में सिर्फ इन दिनों 5000 रुपये और बैंक अकाउंट में 1500 रुपये हैं। हालांकि उन्हें UPI के जरिए उनके समर्थकों से सपोर्ट मिला था। उनके यूट्यूब पर 2.4 लाख सब्सक्राइबर्स, इंस्टाग्राम पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स और फेसबुक पर 1.3 लाख फॉलोअर्स हैं।












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