कौन है Alexandr Wang? PM मोदी के साथ AI समिट में दिखने के बाद दुनियाभर में छाया, संपत्ति गिनते-गिनते थक जाएंगे
Alexandr Wang: (AI Impact Summit 2026): एआई समिट के मंच पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक युवा चेहरा दिखाई दिया, तो दुनिया की निगाहें उस पर टिक गईं। गूगल के सुंदर पिचाई, ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन और एंथ्रॉपिक के डारियो एमोडेइ जैसे दिग्गजों के बीच 29 साल का अलेक्जेंडर वांग(Alexandr Wang) अलग ही नजर आया।
उम्र सबसे कम, लेकिन कद सबसे ऊंचा। तो आइए जानें आखिर कौन हैं Alexandr Wang, जिनकी चर्चा अब दुनियाभर में हो रही है और कितनी है इनकी सपंत्ति।

who is Alexandr Wang: कौन हैं अलेक्जेंडर वांग?
अलेक्जेंडर वांग एक अरबपति अमेरिकी बिजनेसमैन हैं और 2025 से Meta के Chief AI Officer हैं। फिलहाल वे Meta Superintelligence Labs को लीड कर रहे हैं, जो कंपनी का सबसे बड़ा AI डिविजन है। वे Scale AI कंपनी के को-फाउंडर और CEO रहे हैं।
अलेक्जेंडर वांग 2021 में महज 24 साल की उम्र में वे दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपति बने थे। Forbes के मुताबिक अप्रैल 2025 तक उनकी कुल संपत्ति करीब 3.6 बिलियन डॉलर आंकी गई है।

अलेक्जेंडर वांग शिक्षा और करियर ( AlexandrWang Early life and education)
- अलेक्जेंडर वांग का जन्म जनवरी 1997 अमेरिका के न्यू मैक्सिको में चीनी मूल के वैज्ञानिक माता-पिता के घर हुआ। उनके माता-पिता लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी में फिजिसिस्ट थे। बचपन से ही अलेक्जेंडर वांग की गणित और कंप्यूटर साइंस में उनकी पकड़ मजबूत थी।
- 2013 में उन्होंने Math Olympiad Program के लिए क्वालीफाई किया। 2014 में वे यूएस फिजिक्स टीम का हिस्सा बने। 2012 और 2013 में वे USACO (USA Computing Olympiad) के फाइनलिस्ट रहे। उन्होंने Los Alamos High School से पढ़ाई पूरी की है।
- स्कूल के बाद अलेक्जेंडर वांग सिलिकॉन वैली चले गए और Addepar नाम की वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने। कम उम्र से ही अलेक्जेंडर वांग Quora के लिए भी सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर के तौर पर काम करते थे।
- इसके बाद अलेक्जेंडर वांग ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिला लिया, लेकिन 2016 में पढ़ाई बीच में छोड़ दी। वजह थी अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना। उसी साल उन्होंने Scale AI की नींव रखी। कंपनी का काम था मशीन लर्निंग मॉडल के लिए हाई क्वालिटी डेटा लेबलिंग और ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना। उस समय बहुत कम लोग समझ पा रहे थे कि AI को आगे बढ़ाने के लिए डेटा कितनी बड़ी ताकत बनेगा। अलेक्जेंडर वांगने इसी पर दांव लगाया।
- MIT छोड़ने के बाद 2016 में उन्होंने Scale AI की सह-स्थापना की। यह कंपनी AI मॉडल्स के लिए डेटा लेबलिंग और large language model evaluation का काम करती है। AI एप्लिकेशन तैयार करने में Scale AI की बड़ी भूमिका मानी जाती है।

Alexandr Wang Net Worth: अलेक्जेंडर वांग की संपत्ति?
फोर्ब्स के मुताबिक अलेक्जेंडर वांग की कुल संपत्ति लगभग 3.2 बिलियन डॉलर आंकी गई है, जो भारतीय रुपये में करीब 28 हजार से 31 हजार करोड़ रुपये के बीच है। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के प्रमुख युवा अरबपतियों की सूची में शामिल करती है।
अलेक्जेंडर वांग की 2016 में शुरू होने के बाद कुछ ही सालों में Scale AI बड़ी टेक कंपनियों का अहम सहयोगी बन गया। NVIDIA, Amazon और Meta जैसी कंपनियां इसके क्लाइंट रहीं।
सिर्फ कमर्शियल प्रोजेक्ट ही नहीं, Scale AI ने यूक्रेन युद्ध से जुड़े डैमेज एनालिसिस जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया। अमेरिकी वायुसेना और सेना के साथ करीब 110 मिलियन डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किए गए।

Meta का बड़ा दांव और 14.3 बिलियन डॉलर की डील (Meta Investment Deal)
2025 में Mark Zuckerberg ने बड़ा कदम उठाते हुए Scale AI में करीब 14.3 बिलियन डॉलर का निवेश किया और कंपनी की लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ली। इस डील को AI इतिहास के सबसे बड़े टैलेंट एक्विहायर में से एक माना गया।
इस निवेश के साथ अलेक्जेंडर वांग को Meta के नए डिविजन Superintelligence Labs का प्रमुख बनाया गया। इस यूनिट के तहत Meta के सभी AI रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को एक छत के नीचे लाया गया।
आंतरिक मेमो में वांग ने लिखा कि सुपरइंटेलिजेंस आने वाली है और उसे गंभीरता से लेने के लिए रिसर्च, प्रोडक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर खुद को संगठित करना होगा।

इंडिया AI समिट में क्या बोले अलेक्जेंडर वांग (India AI Summit 2026)
एआई समिट में अलेक्जेंडर वांग ने कहा कि Meta का मकसद AI को आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी तभी सफल है जब वह समाज के काम आए।
उन्होंने बताया कि भारत में Meta के AI टूल्स पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर Reels का ऑटोमैटिक ट्रांसलेशन अलग-अलग भाषाओं में किया जा रहा है, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स को फायदा मिल रहा है।
छोटे कारोबारी WhatsApp Business के जरिए कुछ ही मिनटों में AI एजेंट सेट कर पा रहे हैं, जो ग्राहकों के सवालों के जवाब देते हैं और विज्ञापन बनाने में मदद करते हैं। वांग ने भारतीय डेवलपर्स की तारीफ करते हुए कहा कि वे शिक्षा, पब्लिक सर्विस और एक्सेसिबिलिटी जैसे क्षेत्रों में AI के जरिए बड़े समाधान तैयार कर रहे हैं।
आज अलेक्जेंडर वांग सिर्फ एक युवा उद्यमी नहीं, बल्कि AI की वैश्विक दौड़ का अहम चेहरा बन चुके हैं। PM मोदी के साथ मंच साझा करने के बाद उनका नाम और ज्यादा चर्चा में है। 29 साल की उम्र में अरबों डॉलर की संपत्ति और दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका। यह कहानी बताती है कि AI की दुनिया में उम्र नहीं, नजरिया मायने रखता है।
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