ओमिक्रॉन पर बोले WHO इंडिया प्रमुख- बूस्टर डोज से पहले सभी को टीका लगाने पर ध्यान दे सरकार
नई दिल्ली, 6 दिसंबर: कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट ने भारत में दस्तक दे दी है और ये तेजी से फैल रहा है। इस नए संकट को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन समेत कई एक्सपर्ट ने वैक्सीन की तीसरी डोज देने के लिए सरकार को सलाह दी है। अब इस मामले में भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधि डॉ रोडेरिको ओफ्रिन का बयान सामने आया है, जिन्होंने बूस्टर डोज से पहले सभी का टीकाकरण करने पर जोर दिया।

इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में डॉ. ओफ्रिन ने कहा कि भारत पूरी आबादी का टीकाकरण करके वायरस को फैलने से रोक रहा है, ये दृष्टिकोण सही है। नए वेरिएंट के बारे में चिंता करके बूस्टर डोज देना सही नहीं है, पहले ज्यादा से ज्यादा आबादी को टीका लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि कोरोना की वैक्सीन ओमिक्रॉन वेरिएंट पर कितनी ज्यादा असरदार है। हालांकि WHO ने इस वेरिएंट को चिंताजनक श्रेणी में डाल रखा है।
टीकाकरण की गति पर एक सवाल का जवाब देते हुए डॉ. ओफ्रिन ने कहा कि 10 महीनों में एक अरब से ज्यादा डोज देना बहुत ही बेहतरीन काम है। अभी नए वेरिएंट की वजह से भविष्य अनिश्चित है, लेकिन हमारे पास पहले से ही ज्यादा मामलों को संभालने का एक्सपीरियंस है। उन्होंने वायरस को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया।
7 तारीख को अहम बैठक
वहीं दूसरी ओर भारत सरकार की ओर से टीकाकरण पर गठित SAGE की बैठक 7 दिसंबर को होने वाली है, जिसमें बूस्टर डोज पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले सोमवार को नेशनल टेक्नीकल एडवाइजरी ग्रुप ने बूस्टर डोज पर चर्चा की। भारत सरकार के एक सूत्र ने बताया कि अभी तक स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इसके लिए कोई सिफारिश नहीं की गई है। अभी उसका पूरा जोर पूरी आबादी को दूसरी डोज देने का है।












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