'लगता है बाबू जी ने दिल से माफ नहीं किया था...', विवादित बयान देने वाले इन 4 सांसदों का BJP ने काटा टिकट
Lok Sabha elections 2024 BJP List: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेआगामी लोकसभा चुनावों के लिए 195 उम्मीदवारों के नामों के साथ अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 33 मौजूदा सांसदों को फिर से टिकट दिया गया है।
वहीं भाजपा आलाकमान के विवादित भाषण देने वाले नेताओं का टिकट काट है। इस लिस्ट में दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा, भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी और पूर्व केंद्रीय मंत्री और हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा का नाम शामिल है।

इन चारों विवादास्पद नेताओं ने पिछले कुछ वक्त में विवादित बयान दिए थे। जिसके बाद वो खबरों की सुर्खियों में आ गए थे। इन नेताओ को भाजपा ने उस वक्त कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। जिसके बाद नेताओं ने पार्टी हाईकमान से माफी भी मांगी थी।
हालांकि इन नेताओं के समर्थकों ने टिकट कटने पर भाजपा को तंज कसा है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा है कि, माफी मांगने के बाद भी आलाकमान ने इन्हें माफ नहीं किया था। एक यूजर ने लिखा है, 'लगता है बाबू जी (मोदी-शाह) ने इन्हें अब तक माफ नहीं किया।
लेकिन फिर भी इन नेताओं को टिकट ना देकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आइए जानें इन नेताओं ने ऐसा क्या विवादित बयान दिया था कि इनको भाजपा ने टिकट ही नहीं दिया?
1. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur)
भाजपा ने मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से मौजूदा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की जगह आलोक शर्मा को मैदान में उतारा है। 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराया था और तीन लाख से ज्याजा वोटों से जीती थीं।
अपनी चुनावी सफलता के बावजूद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान करकरे की मृत्यु पर उनकी टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया, जिसके कारण भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
वहीं प्रज्ञा ठाकुर की महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का जश्न मनाने वाली टिप्पणी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा को पसंद नहीं आई थी। जिससे भाजपा ने खुद को उनसे दूर कर लिया।
2. प्रवेश वर्मा (Parvesh Verma)
दिल्ली की पश्चिमी दिल्ली सीट से बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद प्रवेश वर्मा का टिकट काटकर कमलजीत सहरावत को मैदान में उतारा है। पिछले साल ऐसी खबरें आई थीं कि बीजेपी नेतृत्व ने प्रवेश वर्मा की उस टिप्पणी की कड़ी निंदा की थी, जिसमें एक विशेष समुदाय के "आर्थिक बहिष्कार" का आह्वान किया गया था।
प्रवेश वर्मा ने पिछले साल 9 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित 'विराट हिंदू सभा' नामक एक सभा के दौरान ये टिप्पणियां कीं। एक भाषण में प्रवेश वर्मा ने स्पष्ट रूप से किसी विशेष समुदाय का नाम लिए बिना, "इन लोगों" का "पूर्ण बहिष्कार" किए जाने की बात की थी।
3.रमेश बिधूड़ी (Ramesh Bidhuri)
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने हाल ही में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर चर्चा के दौरान सांसद दानिश अली पर अपमानजनक टिप्पणी करके बड़े पैमाने पर विवाद खड़ा कर दिया था। दानिश अली को निशाना बनाने वाली रमेश बिधूड़ी की विवादास्पद टिप्पणियों के वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिसके बाद उनकी काफी आलोचना की गई थी।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कथित तौर पर संसद के भीतर दानिश अली के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर अपनी पार्टी के सांसद रमेश बिधूड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आपत्तिजनक टिप्पणियों को संसदीय रिकॉर्ड से हटा दिया गया और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सत्र के दौरान बिधूड़ी के आचरण के लिए तुरंत खेद व्यक्त किया था।
4. जयंत सिन्हा (Jayant Sinha)
भाजपा के हजारीबाग लोकसभा सीट से मौजूदा पार्टी सांसद जयंत सिन्हा की जगह इस बार विधायक मनीष जयसवाल को टिकट दिया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा ने पहले दिन में कहा था कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से उन्हें सीधे चुनावी कर्तव्यों से मुक्त करने का अनुरोध किया था।
कर हत्या करने के आरोपी व्यक्तियों की कानूनी फीस का भुगतान करने के लिए आर्थिक मदद की थी। बाद इस घटना का फोटो वायरल हो गया था, जो विवादों में आ गया था। इन सभी छह आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के बाद सीधे हजारीबाग में मंत्री के आवास पर ले जाया गया था। भाजपा इस बात से नाराज थी।












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