MP कंगना के विवादित बयान पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने की खिंचाई, कहा- माफी मांगें
बॉलीवुड एक्ट्रेस ने राजनीति में कदम रखने वाली भाजपा सांसद कंगना रनौत के किसान आंदोलन पर बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया है। इसके बावजूद एमपी कंगना के बयान पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच कांग्रेस ने कंगना को बीजेपी से बाहर किए जाने की मांग की है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोमवार (26 अगस्त) को कहा कि या तो कंगना को बीजेपी संगठन से बाहर कर दे या फिर उनसे किसानों के आगे हाथ जोड़कर माफी मांगने को कहे। वहीं कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने भी कहा कि कंगना को उनके बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

किसान आंदोलन पर कंगाना के बाद को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने देश का अपमान बताया। उन्होंने कहा, अगर यह भाजपा का मत नहीं है तो कंगना को पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा किसानों के बारे में ऐसी सोच रखने वाले को संसद में बैठने का हक नहीं है।
बीजेपी को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "कंगना से कहिए कि वह किसानों से माफी मांगें या फिर भाजपा माफी मांगे। उन्होंने कहा कि आपकी (भाजपा) सांसद कह रही हैं कि दो विदेशी ताकतें अमेरिका और चीन, भारत में अस्थिरता एवं अशांति पैदा करने की साजिश कर रहे थे। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को बताना चाहिए कि क्या यह सच है? अगर यह सच नहीं है तो सरकार बताना चाहिए कि ऐसा नहीं है।"
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार का स्पष्टीकरण आना चाहिए।सुप्रिया ने कहा कि अगर विदेशी ताकतें देश में अशांति पैदा कर रही हैं तो नरेन्द्र मोदी सरकार कमजोर है।
वहीं राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा है कि सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है। किसानों से किए वादों को तो पूरा करने में ये सरकार नाकाम रही। 378 दिन चले संघर्ष में 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को बीजेपी सांसद बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा बता रही हैं। यह बीजेपी की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है।
राहुल गांधी ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट में लिखा, जिसमें उन्होंने कहा, "किसानों से किए वादों को पूरा करने में नाकाम मोदी सरकार का दुष्प्रचार तंत्र लगातार किसानों का अपमान करने में जुटा हुआ है। 378 दिन चले मैराथन संघर्ष के दौरान 700 साथियों का बलिदान देने वाले किसानों को भाजपा सांसद द्वारा बलात्कारी और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना भाजपा की किसान विरोधी नीति और नीयत का एक और सबूत है। ये शर्मनाक किसान विरोधी बोल पश्चिमी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत पूरे देश के किसानों का घोर अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, "किसान आंदोलन वापस लेते समय बनी सरकारी समिति आज भी ठंडे बस्ते में है, MSP पर सरकार अपना रूख आज तक साफ नहीं कर सकी, शहीद किसानों के परिवारों को किसी तरह की राहत नहीं दी गयी और ऊपर से लगातार उनका चरित्र हनन जारी है। अन्नदाताओं का निरादर और उनके मान सम्मान पर हमला करने से किसानों से किया गया मोदी सरकार का धोखा छुप नहीं सकता। नरेंद्र मोदी और भाजपा कितनी भी साजिश कर लें - INDIA किसानों को MSP की कानूनी गारंटी दिलवा कर रहेगा।"












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