Video- यूपी के डीजीपी पर उनके ऑफिस में चलाई गई टेजर गन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद ने करंट वाली गन यानि टेजर गन का अपने दफ्तर में खुद परीक्षण किया। डीजीपी ने अपने दफ्तर में एटीएस के कमांडो से अपने शरीर के उपर टेजर गन से फायर करवाकर उसका परीक्षण किया।

जब डीजीपी ने वहां मौजूद अधिकारियों से इस गन को अपने शरीर के उपर चलाने को कहा तो वहां खड़े अधिकारी इस बात के लिए तैयार नहीं हुए लेकिन जब डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि कोई चिंता करने की बात नहीं है, तब जाकर इसके ट्रायल पर अधिकारी राजी हुए और उनपर यह टेजर गन चलाई।
डीजीपी बोले दिन में तारे दिखने लगे थे
लेकिन जब डीजीपी पर एटीएस के कमांडो ने टेजर गन से फायर किया तो वह अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठे और मौके पर ही फर्श पर गिर पड़े। हालांकि वहां मौजूद दो अधिकारियों ने उन्हें संभाला और उठाने में मदद की। इस गन के परीक्षण के बाद जावीद अहमद ने बताया कि मुझे तारे दिखने लगे थे।
गृह मंत्रालय से लेंगे इसकी इजाजत
जावीद अहमद ने कहा कि हम यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि क्या इस गन का इस्तेमाल कानूनन किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि हम यह जानने की कोशिश करेंगे क क्या देश का गृहमंत्रालय इस तरह के हथियार इस्तेमाल करने की इजाजत देता है, इसके बाद ही इस हथियार को खरीदा जाएगा।
एटीएस करेगी इस गन का इस्तेमाल
प्रदेश में एटीएस यानि आंतक निरोधी दस्ते के पास इस तरह के हथियार मुहैया कराना चाहते हैं। यह टेसर गन काफी कारगर साबित हो सकती है ऐसे मामलों में। इस मौके पर मौजूद एटीएस इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस असीम अरुन ने कहा कि हमने इस गन का इस्तेमाल देख है कि कैसे जब आतंकी लोगों को बंधक बनाते हैं तो यह काफी कारगर साबित होती है।
अमेरिका की कंपनी बनाती है यह गन
आपको बता दें कि यूपी पुलिस टेजर गन खरीदने जा रही है, इसी का डीजीपी ऑफिस ने खुद ऑफिस में परीक्षण किया। यह गन अमेरिका की कंपनी बनाती है, जिसके भारतीय प्रतिनिधि डीजीपी ऑफिस पहुंचे थे।
कब किया जाता है इस गन का इस्तेमाल
इस गन का इस्तेमाल उन लोगों के उपर किया जाता है जिन्हें िना किसी शिकायत के आधार पर किसी गंभीर शक के घेरे में गिरफ्तार किया जाता है या जो आतंकी लोगों को बंधक बना लेते हैं।












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