जब सोनिया ने कहा था- प्रणब के नखरों की कमी खलेगी

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नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब द कोलिशन इयर्स' (1996-2012) सिर्फ राजनीतिक सरगर्मी के राज ही नहीं खोल रही बल्कि नेताओं के संबंधों को भी जनता के सामने ला रही है। जब साल 2012 में प्रणब को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया था तो उनके विदाई समारोह में सोनिया गांधी ने टिप्पणी की थी। सोनिया ने विदाई समारोह में कहा था कि 'मैं प्रणब के नखरों को याद करुंगी।' किताब में प्रणब ने लिखा है कि राष्ट्रपति चुनाव की बैठक के बारे में जानकारी देने के बाद, सोनिया गांधी ने मुझे भावनात्मक विदाई दी।इसके बाद, एक मुस्कुराहट के साथ उन्होंने मुझे देखा और कहा कि 'इसके साथ-साथ, मुझे उनकी कुछ नखरे याद आएंगे। पूर्व राष्ट्रपति के तीसरे राजनीतिक संस्मरण में कई खण्ड हैं। इसमें उन्होंने जिक्र किया है कि यूपीए के अध्यक्ष की ओर से देश के शीर्ष संवैधानिक पद के लिए अपना नाम स्वीकार करने के लिए अनिच्छुक थे। लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया है कि वह कार्यालय के लिए "सबसे उपयुक्त" थे।

जब सोनिया ने कहा था- प्रणब के नखरों की कमी खलेगी

साल 2012 के राष्ट्रपति चुनाव को याद करते हुए प्रणब ने लिखा है कि सोनिया ने उनसे कहा था कि उन्होंने UPA सरकार और संसद में जो अहम भूमिका निभाई, उसके चलते पार्टी उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त नहीं कर सकती है। प्रणब ने जिक्र किया है कि 7 रेसकोर्स रोड (अब लोक कल्याण मार्ग) पर स्थित प्रधानमंत्री के अावास पर बैठक में सोनिया, पूर्व प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इसके साथ ही कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों ने उनके चुनाव लड़ने की हरी झंडी दी।

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