महंगाई की मार: पिछले 10 साल में गेहूं के आटे के रेट उच्चतम स्तर पर, जानिए क्यों महंगा हो रहा है आटा
नई दिल्ली, मई 09। देश में बढ़ती महंगाई ने आम आदमी के किचन का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। खाने-पीने की चीजों की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे में इंडियन किचन के अंदर सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला गेहूं का आटा और उससे बनने वाले प्रोडक्ट की कीमत में भारी उछाल देखने को मिला है। गेहूं के आटे की कीमत पिछले एक दशक के अंदर अपने उच्चतम स्तर पर है। वहीं इस आटे से बनने वाले प्रोडक्ट तो और महंगे हो चुके हैं।

पिछले 10 साल में सबसे महंगा हुआ आटा
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया मंथली एवरेज रिटेल प्राइज के आंकड़े बताते हैं कि गेहूं के आटे की जो कीमत आज है, वो जनवरी 2010 के बाद सबसे अधिक है। केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले शनिवार को गेहूं के आटे का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 32.78 रुपये प्रति किलो था।

क्या रेट है अभी आटे का
साल दर साल मूल्य विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले एक साल में गेहूं के आटे का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 9.15 प्रतिशत बढ़ा है। सालभर पहले ही 1 किलो आटे की कीमत 30.03 रुपए प्रति किलो थी और अभी यह कीमत 32.78 रुपए प्रति किलो है। जिन 156 केंद्रों के लिए डेटा उपलब्ध है, उनमें शनिवार को पोर्ट ब्लेयर में सबसे अधिक (59 रुपये प्रति किलोग्राम) और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में सबसे कम (22 रुपये प्रति किलोग्राम) आटे का भाव था।

आटा क्यों हो रहा है महंगा?
एक्सपर्ट के मुताबिक, देश में गेहूं के आटे के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की वजह उत्पादन में गिरावट और लगातार बढ़ रही मांग है। आपको बता दें कि देश में गेहूं के स्टॉक में भी लगातार गिरावट आ रही है और देश के बाहर गेहूं की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि गेहूं के आटे का रेट सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
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