जब मोदी से बोले वाजपेयी- ऐसे भागने से काम नहीं चलेगा
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 90 के दशक में राजनीति छोड़ने का मन बना चुके थे। वह अज्ञातवास में थे और अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान अटली बिहारी वाजपेयी अमेरिका के दौरे पर पहुंचे। वाजपेयी को किसी ने बताया कि नरेंद्र मोदी भी यहीं पर हैं। इस बात का पता चलते ही अटल बिहारी वाजपेयी ने नरेंद्र मोदी को बुलाया। अटलजी के बुलाने पर मोदी उनसे मिलने के लिए पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान वाजपेयी ने कहा, 'ऐसे भागने से काम नहीं चलेगा। कब तक यहां रहोगे, दिल्ली जाओ।' अटल बिहारी वाजपेयी के आदेश के बाद नरेंद्र मोदी दिल्ली लौटे और वापस कामकाज संभाला।

वाजपेयी के कहने पर ही दिल्ली लौटे थे मोदी, अशोक रोड पर मिला था कमरा
पत्रकार विजय त्रिवेदी की किताब 'हार नहीं मानूंगा- अटल एक जीवन गाथा' में मोदी से जुड़ी इस घटना का जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक, नरेंद्र मोदी के करीबी ने बताया कि अटली बिहारी वाजपेयी के कहने पर नरेंद्र मोदी दिल्ली आ गए थे। उन्हें अशोक रोड पर एक कमरा दिया गया और संगठन का काम सौंपा गया।
जब वाजपेयी के एक फोन ने बदल दी मोदी की जिंदगी
अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा और है। खुद नरेंद्र मोदी ने यह किस्सा मीडिया के सामने बयां किया था। अक्टूबर 2001 की सुबह मोदी एक कैमरामैन के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली के श्मशान में थे। इसी दौरान नरेंद्र मोदी के पास एक फोन आया। वाजपेयी ने मोदी से पूछा- तुम कहां हो। इस पर मोदी ने उन्हें बताया कि वह श्मशान में हैं। इस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने पूछा क्या हो गया तो मोदी ने बताया कि एक कैमरामैन के अंतिम संस्कार में आया हूं। माधव राव सिंधिया के साथ प्लेन क्रैश में उनकी भी मृत्यु हो गई। इसके बाद वाजपेयी ने मोदी को बलाया और उन्हें गुजरात जाने को कहा। इसके बाद 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।












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