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49 दिनों के सियासी सफर में अरविंद के हिस्से रहे कुछ सफलताएं, कुछ विवाद

The curtains came down on Arvind Kejriwal's Aam Aadmi Party (AAP) government in Delhi Friday after it failed to table the Jan Lokpal bill in the assembly, ending 49 days of rule. Here are the achievements of the short-lived government.
नई दिल्ली। मात्र 49 दिनों में इस्तीफा देने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के हिस्से में कुछ सफलताएं रहीं तो कई विवाद भी उसकी झोली में आए। बिजली बिल आधा करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन शुरू करना सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है तो सोमनाथ भारती को लेकर एक समय घिरी नजर आ रही सरकार को सबसे बड़ा विवाद कहा जा सकता है। यह दीगर है कि इस मुद्दे पर भी आप को अंत में जीत ही मिली।

जैसे ही विधानसभा में शुक्रवार को जन लोकपाल विधेयक को पेश करने में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विफल हुए वैसे ही यह माना जाने लगा था कि वे अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। एक दिन पहले गुरुवार को उन्होंने इसका संकेत भी दे दिया था। इससे पहले दिल्ली लिटरेचर फैस्टिवल के दौरान भी अरविंद ने बड़ी सहजता से कहा था कि वे विधेयक लाएंगे और यदि वह पारित नहीं हो पाया तो जाहिर है सरकार अल्पमत में आ जाएगी और मैं अपनी सरकार के साथ इस्तीफा सौंप दूंगा।

49 दिनों पहले 28 दिसंबर को जब अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में अपार जनसमूह की मौजूदगी में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी तब भी यह माना जा रहा था कि इस सरकार की उम्र ज्यादा लंबी नहीं है। इससे पहले सरकार बनाने से पीछे हट रहे कांग्रेस ने अपनी 'नीति' के तहत अपने आठ विधायकों के 'बिना शर्त' समर्थन देने की घोषणा संबंधी पत्र उपराज्यपाल नजीब जंग को सौंप दिया। इस पत्र के बाद आप के लिए सरकार बनाने की जिम्मेदारी आ गई।

सरकार हालांकि दो माह का कार्यकाल भी नहीं देख पाई, लेकिन 49 दिनों की अल्प अवधि सक्रियता भरी रही। इस बीच सरकार के कई फैसले से केंद्र सरकार और देश की दो प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व कांग्रेस असहज हुई। सरकार की उपलब्धियों के खाते में सीमित खर्च करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के बिजली बिल को 50 प्रतिशत की रियायत, सस्ता पेयजल, भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन, बिजली कंपनियों की लेखा परीक्षा और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और गैस मूल्य वृद्धि के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करना रहा।

सरकार के विवादों के खाते में दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती का अफ्रीकी महिला का दरवाजा खटखटाना रहा। इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस के रवैए के खिलाफ दिल्ली सरकार गणतंत्र दिवस से ऐन पहले धरना देते हुए रात सड़कों पर गुजारी थी। इस कदम की राजनीतिक गलियारे से लेकर मीडिया में आप की तीखी भर्त्सना हुई, लेकिन अंत में अफ्रीका की कुछ महिलाओं के इस दावे के साथ सामने आने पर कि उन्हें अच्छी नौकरी का झांसा देकर सेक्स व नशीले पदार्थ की तस्करी के दलदल में धकेल दिया गया, आप को न केवल राहत मिली बल्कि आलोचकों का मुंह भी बंद हो गया।

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