क्या सजा दी जाये युवकों को तेजाब से नहलाने वाले सांसद शहाबुद्दीन को?
पटना। बिहार के सीवान में आज से करीब 11 साल पहले दो भाईयों को तेजाब से नहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया था। दोनों का शरीर तेजाब से इतनी बुरी तरह झुलसा कि अगले ही पल उनकी मौत हो गई। उन दोनों के तीसने भाई ने इस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा, लेकिन बच कर निकल गया। उसकी गवाही और तमाम सबूतों के मद्देनजर वारदात को अंजाम देने वाले लालू प्रसाद यादव के सहयोगी रहे व राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन पर आरोप साबित हो गया है।
सवाल आपसे- तेजाब से नहलाने वाले सांसद को क्या सजा दी जानी चाहिये? जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें?

क्या है मामला
16 अगस्त 2004 को चंद्रशेखर प्रसाद के तीन बेटों (गिरीश, सतीश, राजीव) को उसी के घर में बनी गोशाला से अगवा कर लिया गया। अगवा करने वाले राज कुमार शाह, शेख असलम और आरिफ हुसैन थे। शहाबुद्दीन के खास चेले कहे जाने वाले ये लोग तीनों भाईयों को अगवा करके प्रतापपुर गांव ले गये।
प्रतापपुर सांसद व बाहुबली शहाबुद्दीन का इलाका है और इसी बाहुबली के सामने गिरीश और सतीश को तेजाब से नहलाया गया। वो चिल्लाते रहे और देखते ही देखते उनका शरीर गलने लगा और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। इस भयावह मंजर को राजीव ने अपनी आंखों से देखा। लेकिन वो वहां से बच निकला। राजीव ने वारदात के बारे में पुलिस को बताया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया।
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बाद में तीनों बेटों की मां कलावती देवी ने सीवान में एफआईआर दर्ज करायी। जिसमें मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन को बनाया गया। शहाबुद्दीन पर पहले से ही कई मुकदमें चल रहे थे। पुलिस ने शहाबुद्दीन को धर दबोचा और जेल में डाल दिया। वारदात को अंजाम देने वाले उसके गुर्गे भी पकड़े गये।
आज 9 दिसम्बर 2015 को सेशन कोर्ट में जज अमय कुमार श्रीवास्तवकी अदालत में शहाबुद्दीन इस घटना के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दोषी पाया गये हैं। कोर्ट अपना फैसला 11 दिसंबर को सुनायेगी। अब आप बताइये लालू यादव के पूर्व साथी को क्या सजा होनी चाहिये। अपने जवाब कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।












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