यूक्रेन संकट ने भारत के लिए वैश्विक स्तर पर क्या नई संभावनाएं पैदा की हैं ? जानिए
नई दिल्ली, 12 अप्रैल: यूक्रेन पर रूसी हमले ने वैश्विक राजनीति में बहुत बड़ा बदलाव लाना शुरू कर दिया है। यूरोपीय देश रूस के खिलाफ आग भी उगल रहे हैं, लेकिन वहां से गैस का आयात बंद कर दें तो यह उनके लिए संभव भी नहीं है। इसी तरह अमेरिका इधर-उधर से घुमाकर भारत को रूस से संपर्क तोड़ने के लिए दबाव डालना चाहता है, लेकिन जब उसे भारत की ओर से रेड कार्ड दिखाया जाता है तो बाइडेन प्रशासन तुरंत ही अपना टोन भी बदल लेता है। बहरहाल, इस नई वैश्विक राजनीति ने भारत के सामने कुछ मौके भी खोले हैं और संभवत: भारत उस ओर देखना भी शरू कर चुका है।

भारत और रूस के बीच कारोबार बढ़ाने का मौका
यूक्रेन संकट की वजह से विश्व व्यवस्था में बहुत बड़े बदलाव की संभावना पैदा हुई है। सबसे बड़ी बात है कि रूस को अब अपनी विदेश नीति का आधार एशिया को बनाना पड़ सकता है। हालांकि, अभी यह आकलन बहुत ही प्रारंभिक है, लेकिन इतना तय है कि रूस अपने संबंधों को जिनके साथ और मजबूत करना चाहेगा, उनमें भारत बहुत ही अहम है और इसमें दोनों ही मुल्कों का फायदा भी नजर आ रहा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे की विदेश नीति का जिस तरह से परंपरागत तौर पर सम्मान किया है, उसकी वजह से यह रिश्ता भरोसे पर टिका हुआ है और अभी तक उसमें कभी शक की गुंजाइश नहीं दिखी है। यूक्रेन संकट पर भी भारत ने जिस तरह से अपने देशहित को प्राथमिकता देकर स्टैंड लिया है, रूस उसकी सराहना कर रहा है। एक दलील यह भी दी जाती है कि भारत शायद इसबार तटस्थ रहकर सही नहीं कर रहा। लेकिन,हकीकत ये है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अब भारत का रोल पहले वाला नहीं है। भारत के महत्त्व को चाहकर भी अमेरिका या उसके सहयोगी नजरअंदाज नहीं कर सकते। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई वर्चुअल मुलाकात से भी यही संदेश निकला है। पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान कुर्सी छोड़ते-छोड़ते भारत की इसी स्थिति पर छाती पीट रहे थे।

यूरेशिया हो सकता है भारत के लिए एक और विकल्प
भारत के लिए ऊर्जा जरूरत इसकी विदेश नीति निर्माण का एक बहुत ही संजीदा मसला है; और इसके चलते अब यूरोशिया में नई संभावनाएं तलाशने का मौका पैदा हुआ है। सबसे बड़ी बात ये है कि रूस और भारत इतने करीबी हैं, लेकिन इनका आपसी कारोबार पिछले साल करीब 8 बिलियन डॉलर का ही रहा है। मतलब, इसे ऊंचाइयों पर ले जाने की अभी काफी क्षमता मौजूद है। अगर सीधी बात करें तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा में रूस अब बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह ऊर्जा सहयोग सिर्फ पारंपरिक स्रोत को लेकर ही नहीं हो सकता, इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, छोटे हाइड्रो-पावर स्टेशन और परमाणु ऊर्जा इंजीनियरिंग से भी जुड़ा हो सकता है। यही नहीं खाद्य सुरक्षा के लिए भी यह संबंध बेहतर साबित हो सकते हैं। क्योंकि, रूस खाद और खाने की तेल उपलब्ध करवाने में भी बड़ा रोल निभा सकता है। इनके अलावा तकनीक के क्षेत्र में बात करें तो दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचा खड़ा करने में भी सहयोग की काफी संभावना मौजूद है।

यूरोशिया में रहती है दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी
अकेले रूस के साथ ही नहीं, भारत के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ भी अपना द्विपक्षीय कारोबार बढ़ाने का काफी संभावनाएं हैं। मसलन, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल और एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशन में प्रत्येक के साथ भारत का व्यापार इसके कुल कारोबार का 11 फीसदी से ज्यादा है। जबकि, सेंट्रल एशिया के देशों के साथ इसका 50 गुना से भी कम है। यानी भारत की भारत-प्रशांत क्षेत्र में गहरी रुचि जरूर है, लेकिन उसके पास यूरोशिया में भी अपनी संभावनाएं तलाशने का भी काफी अवसर मौजूद है और यूक्रेन संकट की वजह से हालात भी ऐसे बने हैं, जिसका भारत को लाभ मिल सकता है। क्योंकि, यह धरती का इतना बड़ा क्षेत्र है, जहां इसकी आधी से ज्यादा आबादी रहती है। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)
-
Indus Waters Treaty: बिना भारत के क्यों हो रहा सिंधु जल संधि पर फैसला, हेग कोर्ट का एकतरफा रुख क्यों? -
Dubai Gold Rate Today: दुबई या भारत? आज सोना कहां से खरीदना है फायदे का सौदा? ₹7000 की सीधी बचत -
Cicada COVID Variant: कितना घातक है कोविड-19 का नया वेरिएंट BA.3.2? भारत में क्या है स्थिति? 23 देशों में कहर! -
Jan Vishwas Bill: अब मेट्रो में सिगरेट पीना अपराध नहीं? क्या है जन विश्वास बिल, आपकी जिंदगी में क्या बदलेगा? -
एमपी और यूपी विकास पर सहयोग करते हैं-CM डॉ. मोहन यादव -
MP News: बाबा काशी विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन यादव, बोले- एमपी-यूपी मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत -
Iran Vs America War: मोदी का मास्टरस्ट्रोक! पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 1,171 भारतीयों का 'महा-रेस्क्यू' -
Election Report Card: 5 चुनावी राज्यों में बीजेपी का हिसाब-किताब: कहां बन रही सरकार, कहां बिगड़ रहे समीकरण? -
Alka Yagnik की हालत बिगड़ी? खतरनाक बीमारी ने किया ये हाल, छलका सिंगर का दर्द, कहा- दुआ मांगो -
Love Story: 38 साल से पति से अलग रहती हैं Alka Yagnik, क्यों अकेले जी रहीं जिंदगी? अब दर्दनाक हुई हालत -
Alka Yagnik Caste: क्या है सिंगर अलका याग्निक की जाति? खतरनाक बीमारी से जूझ रहीं गायिका मानती हैं कौन-सा धर्म? -
Rakesh Bedi Caste: धुरंधर में पाकिस्तान को उल्लू बनाने वाले 'Jameel' किस जाति से? ठगी का शिकार हुई पत्नी कौन?












Click it and Unblock the Notifications