जेटली के बजट से देश के गरीबों को क्या मिला?
नयी दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में साल 2016-17 का आम बजट पेश किया तो पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बजट को संतुलित और बेहतर बजट कहकर बधाई दी और कहा कि ये बजट गरीबी से मुक्ति दिलाएगा। मोदी ने कहा कि इस बजट से गरीब, किसान के जीवन में बदलाव लाएगा। बजट में देश के गरीब वर्ग औरकिसानों पर विशेष ध्यान रखा गया है। सरकार ने गरीबों और अनुसूचित जाति/जनजाति को ध्यान में रखा है।
आम बजट में जानिये क्या बदलेगा इन 6 सेक्टर में
गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देने की घोषणा की गई है। परिवार की महिला सदस्यों के नाम पर कनेक्शन आवंटित किए जाएंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि एलपीजी कनेक्शन देने की लागत के लिए 2 हजार करोड़ रुपए की राशि आवंटित करेगी। जानिए जेटली की बजट कैसे गरीबों की करेगी मदद...

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
बीपीएल परिवार की महिला सदस्यों के नाम पर एलपीजी कनेक्शन आवंटित किए जाएंगे। एलपीजी कनेक्शन देने की लागत के लिए 2 हजार करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी। कुल 5 करोड़ बीपीएल परिवारों को शामिल करने के लिए यह योजना 2 वर्ष और जारी रहेगी।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
'स्टैंड अप इंडिया स्कीम' के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों को 500 करोड़ रुपए का राशि उपलब्ध कराया जाएगा। यह बैंकों की ब्रांच पर कैटिगरी के हिसाब से होगा।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
देश में कुल 5.35 लाख उचित दर दुकानों में से 3 लाख दुकानों को मार्च 2017 तक ऑटोमेट किया जाएगा।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
गरीब के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रारंभ की जाएगी। प्रति परिवार 1 लाख रुपए और वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त 30 हजार रुपए तक के स्वास्थ्य कवर प्रदान किए जाएंगे।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
गरीबों को उचित मूल्य पर दवाईयां मिल सके इसलिए प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत 3,000 स्टोर खोले जाएंगे।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर जिले में राष्ट्रीय डायलिसिस सेवा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। डायलिसिस उपकरणों के कुछ विशेष हिस्सों को कर छूट दी जाएगी।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
ग्रामीण विकास के लिए 87 हजार करोड़ आवंटित किए जाएंगे।

गरीबी से निजात दिलाएगी बजट
गावों के लिए डिजिटल साक्षरता मिशन लागू किया जाएगा। अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों के लिए एक नई आर्थिक प्रणाली का गठन किया जाएगा। एमएसएमई मंत्रालय में एससी/एसटी हब का निर्माण किया जाएगा। का हाथ बताया है।












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