क्या पोलिंग बूथ पर बुर्के में महिलाओं को चेक किया जा सकता है, जानिए EC का नियम
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के दौरान हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार माधवी लता का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमे देखा जा सकता है कि वह मुस्लिम महिला को बुर्का उठाने को कह रही हैं और उनका आईडी कार्ड चेक कर रही है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था और माधवी के खिलाफ मलकपेट थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। उनपर आरोप है कि उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की,सरकारी अधिकारी को डिस्टर्ब किया।

मुस्लिम महिला को बुर्का उठाने के लिए बाध्य करने की वजह से माधवी लता विवादों में आ गईं। खुद हैदराबाद के जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट अनुदीप दुरीशेट्टी ने इसकी पुष्टि की थी। ऐसे में सवाल यह उठता है क्या इस तरह की चेकिंग करने का अधिकार किसी को है।
हालांकि इस पूरे विवाद पर माधवी लता ने कहा कि उम्मीदवार को यह अधिकार होता है कि वह लोगों से उनकी आईडी पूछ सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि मुस्लिम महिलाओं में उनकी पैठ बढ़ी है।
चुनाव आयोग के नियम की बात करें तो इसके लिए पोलिंग बूथ पर अधिकारियों को तैनात किया जाता है। फर्स्ट ऑफिसर का यह काम होता है कि वह संदिग्ध वोटर की पहचान कर। संदेह होने पर अधिकारी ईडी कार्ड दिखाने को कह सकता है। लेकिन किसी भी उम्मीदवार को यह अधिकार नहीं होता है।
वहीं इस पूरे विवाद पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ये चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, भाजपा उम्मीदवार मुस्लिम महिलाओं को मतदान केंद्र पर प्रताड़ित कर रही हैं। उनकी बॉडी शेमिंग कर रही हैं, इस मामले में महिला आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए।
बता दें कि भाजपा ने माधवी लता को हैदराबाद लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। यहां ओवैसी सांसद हैं। इस बार दोनों के बीच यहां सीधा मुकाबला है। देखने वाली बात है कि 4 जून को जब नतीजे आते हैं तो किसकी जीत होती है।












Click it and Unblock the Notifications