सतना के राजघराने के खूनी खेल का क्या है सच? कौन हैं बाबा राजा? जिनकी 2 पत्नियों योगिता-सुनीता में छिड़ी जंग
Nagod Satna Royal Family: मध्य प्रदेश के सतना जिले की परसमनिया गढ़ी, जो कभी अपनी ऐतिहासिक विरासत और राजसी वैभव के लिए जानी जाती थी, इन दिनों गोलियों की गूंज और खून से लथपथ वीडियो के कारण सुर्खियों में है।
नागौद राजघराने से जुड़ा यह मामला महज एक पारिवारिक कलह नहीं, बल्कि सत्ता, संपत्ति और वर्चस्व की उस लड़ाई का परिणाम है, जो बरसों से सुलग रही थी। रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की दो पत्नियों-योगिता सिंह और सुनीता सिंह के बीच छिड़ी इस जंग ने अब ऐसा खूनी मोड़ ले लिया है कि पूरा विंध्य क्षेत्र हैरान हो गया है।

क्या है परसमनिया गढ़ी का खूनी घटनाक्रम?
12 जून की दोपहर सतना के नागौद स्थित परसमनिया गढ़ी में जो हुआ, उसने सबको झकझोर कर रख दिया। योगिता सिंह अपने बेटे प्रथुदेव, मां नरेंद्र कुमारी और भाई नागेंद्र सिंह के साथ वहां पहुंची थीं। मकसद था वर्षों से चले आ रहे विवाद और पेट्रोल पंप संचालन को लेकर बातचीत करना। लेकिन गढ़ी की दहलीज लांघते ही मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया।
आरोप है कि वहां पहुंचते ही दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान सुनीता सिंह ने .22 बोर की बंदूक निकाली और फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे योगिता सिंह के पेट में जा लगी। गढ़ी में अफरा-तफरी मच गई और योगिता को गंभीर हालत में पहले स्थानीय और फिर रीवा के निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ।
48 घंटे बाद सामने आया 'सच': मारपीट का वायरल वीडियो
घटना के दो दिन बाद जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, तो मामले ने 180 डिग्री का यू-टर्न ले लिया। इन वीडियो में बाबा राजा बुरी तरह लहूलुहान नजर आ रहे हैं और गढ़ी के भीतर भारी तोड़-फोड़ के निशान दिख रहे हैं।
बाबा राजा का दावा: इन वीडियो में बाबा राजा के कपड़े फटे हुए हैं और उनके शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं। दावा किया जा रहा है कि योगिता सिंह के परिजनों ने ही पहले उनके साथ बर्बर मारपीट की।
काउंटर FIR: बाबा राजा ने उचेहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने योगिता सिंह के भाई और उनके बेटे पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों का मिलान करने में जुटी है।

पेट्रोल पंप और अरबों की संपत्ति: विवाद की असली जड़
भले ही गोलीकांड सुर्खियां बटोर रहा है, लेकिन इसके पीछे की असली वजह नागौद राजघराने की अरबों की संपत्ति है। इस विवाद के कुछ मुख्य पहलू इस प्रकार हैं:
पेट्रोल पंप का मालिकाना हक: योगिता सिंह के नाम पर आवंटित पेट्रोल पंप का संचालन लंबे समय से सुनीता सिंह कर रही थीं। इसे लेकर दोनों पत्नियों में रार थी, जो कई बार पुलिस थानों तक भी पहुंची, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया।
विरासत और अधिकार: योगिता सिंह अपने 25 वर्षीय बेटे के अधिकार और संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए लंबे समय से प्रयासरत थीं। परसमनिया गढ़ी के स्वामित्व को लेकर भी परिवार के भीतर एक कोल्ड वॉर (शीत युद्ध) चल रहा था।
आरोपी सुनीता सिंह गिरफ्तार, क्या कहती है पुलिस?
सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रेम लाल कुर्वे ने पुष्टि की है कि आरोपी सुनीता सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से वह बंदूक भी जब्त कर ली है जिससे फायरिंग की गई थी। दूसरी तरफ, बाबा राजा द्वारा की गई मारपीट की शिकायत पर भी जांच जारी है। पुलिस के लिए चुनौती यह है कि वह फायरिंग और मारपीट, दोनों ही एंगल्स को एक साथ जोड़कर निष्पक्ष जांच करे।
बाबा राजा का विवादित अतीत और राजपरिवार का दबदबा
रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है। इससे पहले भी 1991 के कुंजल भूमिया हत्याकांड और 2010-11 में एक आदिवासी युवती से दुष्कर्म के गंभीर मामलों में उनका नाम सामने आ चुका है। हालांकि, लंबे समय तक इन मामलों में राजनीतिक प्रभाव के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश भी रहा है।
इस पूरे प्रकरण को केवल एक पारिवारिक झगड़ा नहीं माना जा सकता। नागौद राजपरिवार के सदस्य और भाजपा के वरिष्ठ नेता नागेंद्र सिंह, जो खुद छह बार विधायक रह चुके हैं, इस परिवार की धुरी रहे हैं। ऐसे में इस खूनी खेल का राजनीतिक और सामाजिक असर पड़ना तय है।
जांच की चुनौतियां: आगे क्या होगा?
पुलिस के लिए यह जांच अब एक 'पहेली' बन गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस अब इन बिंदुओं पर फोकस कर रही है:
- वीडियो एविडेंस: मारपीट के वीडियो की सत्यता और उसका समय क्या घटना के ठीक पहले का है?
- फॉरेंसिक रिपोर्ट: घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और घटनास्थल से मिले नमूनों का मिलान।
- संपत्ति विवाद का दस्तावेजी साक्ष्य: पेट्रोल पंप और गढ़ी की संपत्ति से जुड़े कानूनी कागजात।
परसमनिया गढ़ी का यह खूनी खेल यह बताने के लिए काफी है कि सत्ता और दौलत की भूख जब रिश्तों के बीच आती है, तो मर्यादा की दीवारें कैसे ढह जाती हैं। फिलहाल, योगिता सिंह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं और कानून का शिकंजा नागौद राजघराने के इस विवाद पर कसता जा रहा है।












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